श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और कोटकपूरा में सिख श्रद्धालुओं पर गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी के दो आला अधिकारियों ने मंगलवार को पंजाब सिविल सचिवालय स्थित विभिन्न सरकारी विभागों में शिअद प्रधान व तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से संबंधित दस्तावेजों की तलाश की।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों आला अधिकारियों ने वित्त विभाग के अंतर्गत आने वाली अकाउंट ब्रांच के अलावा पर्सोनल, परिवहन विभाग में अक्तूबर 2015 का रिकॉर्ड खंगाला।
इसमें यह पता लगाया गया कि 14 अक्तूबर, 2015 को कोटकपूरा में पुलिस फायरिंग के दौरान और बाद में सुखबीर सिंह बादल से संबंधित सरकारी वाहनों का उपयोग कहां-कहां किया गया। दरअसल एसआईटी द्वारा की जा रही जांच में हिस्सा लेते हुए सुखबीर बादल कह चुके हैं कि पुलिस फायरिंग की घटना के समय वे राज्य में नहीं थे, इसलिए उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक दोनों अधिकारियों को संबंधित विभागों की ओर से कोई दस्तावेज साथ ले जाने के लिए उपलब्ध नहीं कराए गए। इसका कारण यह है कि इन दिनों सभी विभागों के आला अधिकारी चुनाव ड्यूटी पर तैनात हैं और उनके जूनियर अधिकारी ही विभागों का कार्य संभाल रहे हैं।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा गठित एसआईटी की ओर से इस मामले में अब तक की गई जांच के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उप मुख्यमंत्री और गृह विभाग के प्रभारी सुखबीर सिंह बादल, तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी, फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार के अलावा कोटकपूरा व बरगाड़ी में घटना के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है। इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।