फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार एसआईटी के सामने पेश होने के लिए आज चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। पंजाब में पवित्र ग्रंथ की बेअदबी और कोटकपूरा व बहिबलकलां गोलीकांड की जांच कर रही विशेष टास्क फोर्स (एसआईटी) उनसे पूछताछ करेगी।
एसआईटी ने अक्षय कुमार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के साथ ही अमृतसर में पूछताछ के लिए हाजिर होने के समन जारी किए थे। लेकिन बादल पिता-पुत्र के आग्रह पर उनसे चंडीगढ़ में पूछताछ करने के बाद एसआईटी ने अब अक्षय कुमार को भी चंडीगढ़ में हाजिर होने को कह दिया है।
अक्षय कुमार ने भी एसआईटी को आग्रह किया था कि उनसे पूछताछ का स्थल अमृतसर से बदलकर चंडीगढ़ कर दिया जाए। इस आग्रह पर विचार करने के बाद एसआईटी प्रमुख ने अक्षय को भी चंडीगढ़ पहुंचने को कह दिया है।
बुधवार को अक्षय से पूछताछ की जाएगी। दरअसल अक्षय कुमार बेअदबी या गोलीकांड के मामले में समन नहीं किए गए हैं बल्कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की फिल्म को प्रमोशन में अकाली दल के साथ 100 करोड़ की सौदेबाजी को लेकर एसआईटी उनसे सवाल करेगी।
उल्लेखनीय है कि रामपुरा फूल के पूर्व विधायक हरबंस सिंह ने 9 अक्तूबर, 2017 को बेअदबी मामलों की जांच कर रहे जस्टिस रणजीत सिंह आयोग के समक्ष पेश होकर बयान कलमबद्ध कराए थे कि डेरा सिरसा मुखी की फिल्म को पंजाब में चलाने के लिए अकाली दल और डेरा मुखी के बीच एक सौदा हुआ था, जिसमें अक्षय कुमार ने मध्यस्थता की थी।
बयान में यह भी कहा गया कि अकाली दल और डेरामुखी के बीच इस मामले में 100 करोड़ रुपये की डील मुंबई में अक्षय कुमार ने कराई थी। एसआईटी की ओर से समन भेजे जाने के बाद अक्षय कुमार ने मुंबई से ही ट्वीट करके कहा था कि वे गुरमीत राम रहीम नाम के शख्स से अपने जीवन में कभी नहीं मिले हैं लेकिन एसआईटी ने उन्हें निजी तौर पर जांच में शामिल होने को कहा है और वे जांच में सहयोग करेंगे।
इस बीच, शनिवार को एसआईटी के समक्ष पूछताछ के दौरान सुखबीर बादल ने भी कहा कि वे अक्षय कुमार से एक खेल समारोह में मिले थे और उसके अलावा पंजाब से बाहर उनकी कभी अक्षय कुमार से मुलाकात नहीं हुई है।