एडीसी तन्वी गर्ग की छोटी बहन कृति गर्ग ने सोमवार को चंडीगढ़ प्रशासन में असिसटेंट कमिश्नर के पद पर ज्वाइन कर लिया। शहर के इतिहास में ऐसा पहली बाहर हुआ है जब दो बहनें एक ही कार्यालय में नियुक्त हैं। कृति ने पिछले साल सिविल सर्विसेज परीक्षा में 80 वां रैंक हासिल किया था और उन्हें एजीएमयूटी कॉडर अलॉट हुआ था।
अजब संयोग की गजब कहानी
तन्वी गर्ग और कृति गर्ग के एक ही कार्यालय में तैनात होना भर ही महज संयोग नहीं है, बल्कि पढ़ाई से लेकर करियर बनाने में भी हैरान करने वाली समानता है।
दोनों बहनों ने पंजाब यूनिवर्सिटी के एक ही विभाग से पढ़ाई की है। बड़ी बहन तन्वी की तरह ही कृति भी इंडियन इक्नॉमिक सर्विसेस (आईईएस) परीक्षा क्लीयर की। फिर 2012 में सिविल सर्विसेज परीक्षा में कृति को वही 80वां रैंक मिला जो 2008 में बड़ी बहन को मिला था।
बहन ही रोल मॉडल
कृति अपनी बड़ी बहन तन्वी को शुरू से ही रोल मॉडल मानती है इसलिए वह उनके पद चिह्नों पर चल रही हैं। कृति के पिता प्रभात और मां साधना गर्ग अपनी बेटियों की सफलता पर खुश हैं।
ट्राइसिटी के चार चंडीगढ़ में
आठ साल में ट्राइसिटी से सिविल सर्विसेज परीक्षा में सफल रहे आठ युवाओं को यूटी कॉडर मिला और अब इनमें से चार तो चंडीगढ़ प्रशासन में विभिन्न पदों पर हैं। वर्ष 2006 में देश में 14वें स्थान पर रही प्रेरणा पुरी ने यूटी कॉडर को पसंद किया और उन्हें पहली पोस्टिंग चंडीगढ़ में मिली।
वर्ष 2008 में तन्वी गर्ग ने यूटी कॉडर चुना और उन्हें चंडीगढ़ में पोस्टिंग मिली। वर्ष 2010 में 27वां स्थान हासिल करने वाली निधि श्रीवास्तव प्रोबेशन पर एक साल के लिए चंडीगढ़ में रही थीं।
वर्ष 2011 में 58वें स्थान पर रहे मोहाली निवासी कशिश मित्तल को भी पहली पोस्टिंग चंडीगढ़ में मिली। अब कृति गर्ग को यूटी कॉडर से नियुक्ति मिली है।