अपने गाने को लेकर विवादों में फंसे पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाले ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को एक मेल लिख कर माफी मांगी है। मूसेवाले ने अपनी मेल में लिखा है कि उनके द्वारा अनजाने में की गई भूल के लिए वह सिर झुका कर माफी मांगते हैं। इस बात का विश्वास दिलाता हूं कि वह भविष्य में इस प्रकार की गलती नहीं करेंगे।
मूसेवाल ने लिखा है कि अकाल तख्त साहिब का जब भी आदेश होगा वह पेश हो जाएंगे। वह नवंबर के अंतिम सप्ताह में पंजाब आएंगे। इस दौरान वह अपने परिवार के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होंगे। अनजाने में हुई इस भूल पर उन्हें अकाल तख्त साहिब द्वारा जो भी सजा सुनाई जाएगी वह उन्हें मंजूर होगी।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, मानसा के गांव मूस्सा निवासी पंजाबी गायक गायक सिद्धू मूसे वाला ने एक गीत में माई भागो के प्रति टिप्पणी की है। इन गीतों के बोलों को लेकर सिख जत्थेबंदियों में रोष फैल गया है। उन्होंने कहा कि माई भागो का सिख धर्म में गौरवमय व कुर्बानी भरा इतिहास है।
गायक सिद्धू ने उनकी तुलना करके सिख धर्म को ठेस पहुंचाई है जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अकाली दल अमृतसर के सुखचैन सिंह अतला और हरजिंदर सिंह ने थाना सदर मानसा में लिखित शिकायत करके गायक मूसा पर मामला दर्ज करने की मांग की।
गीत के विरोध में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों ने गायक के घर के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद सिद्धू मूसे वाला के पिता भोला सिंह और माता व गांव की सरपंच चरण कौर ने माफी मांग ली है। गायक ने भी सोशल मीडिया में सिख संगत से माफी मांगी है।
एसजीपीसी ने भी दी शिकायत
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी गायक सिद्धू मूसेवाला के खिलाफ अमृतसर पुलिस कमिश्नर सुखचैन सिंह को एक शिकायत दी। एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला द्वारा गए एक गीत में सिख इतिहास की सत्कार योग्य शख्सियत माता भाग कौर जी का अपमान किया गया है।
उन्होंने शिकायत में लिखा कि गायक की इस करतूत के बाद सिखों में रोष व्याप्त है। सिद्धू मूसेवाले का कृत्य माफी योग्य नहीं है। उसे सिख भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की सजा मिलनी चाहिए। सिद्धू मूसेवाले जैसे लोग सस्ती शोहरत बटोरने की खातिर ऐसा कर रहे हैं। इस गायक का कसूर आम माफी से खत्म होने वाला नहीं है।