एक राष्ट्र, एक भाषा की हिमायत कर कनाडा में विरोध का सामना करने वाले गुरदास मान बुधवार को जालंधर पहुंच गए। गुरुवार को वह डेरा बाबा मुराद शाह नकोदर जाएंगे। वहां पर वह सेवा करेंगे और नतमस्तक होंगे। गुरदास मान डेरा बाबा मुराद शाह के मुख्य सेवादार हैं और वीरवार को साईं लाडी शाह का जन्म दिन है। इस कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु डेरा पहुंच रहे हैं। जालंधर की पुलिस ने गुरदास मान के विरोध को देखते हुए नकोदर में सुरक्षा कड़ी कर दी है।
डेरा बाबा मुराद शाह के आसपास भी सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। एसएसपी नवजोत सिंह माहल का कहना है कि गुरदास मान के नकोदर आने की सूचना आ चुकी है। सुरक्षा मजबूत की जाएगी। अमृतसर पहुंचे गुरदास मान को एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह के ओएसडी सोनू ढेसी खुद पहुंचे। गुरदास मान के खिलाफ जालंधर में दो बार सिख जत्थेबंदियां प्रदर्शन कर चुकी हैं। कनाडा में एब्बटसफोर्ड व एडमिंटन में गुरदास मान का विरोध हुआ जिसकी गूंज पंजाब में भी पहुंच चुकी है।
मान ने कनाडा में एक राष्ट्र एक भाषा की हिमायत कर विवादों को गले लगा लिया है। हालांकि गुरदास मान इस बात पर अडिग है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है। पंजाबी मां बोली है लेकिन राष्ट्र की भाषा तो हिंदी है। एक दूसरे से बात करने के लिए हिंदी जरूरी है।
गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के बैठक हॉल में एसजीपीसी के सदस्य गुरप्रीत सिंह रंधावा ने बताया कि पंथक अकाली लहर दो अक्तूबर को श्री फतेहगढ़ साहिब में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार भाई रणजीत सिंह के नेतृत्व में कांफ्रेंस करने जा रही है। इसमें सिख पंथ से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
रंधावा ने कहा कि उनका मानना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी केवल धार्मिक नेता ही चलाएं इसमें राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंथक अकाली लहर की तरफ से इस कांफ्रेंस में गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में कई कालेजों के सिख विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया।
गुरप्रीत सिंह रंधावा ने पंजाबी भाषा को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि गायक गुरदास मान ने भरी महफिल में अभद्र भाषा का प्रयोग किया है जो माफी लायक नहीं है। लोगों ने गुरदास मान को ठुकराकर सही काम किया है।