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सेना में तैनात सिख जवानों, अफसरों को भड़काने की साजिश

Sun, 23 Dec 2018 04:27 AM IST
गौरव द्विवेदी मोहित धुपड़, चंडीगढ़
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देश में मोदी सरकार बनने के बाद से कश्मीर और पंजाब में माहौल खराब करने की साजिशें लगातार जारी है। पंजाब को भारत से अलग कर खालिस्तान बनाने की साजिश रचने वालों ने अब भारतीय सेना को निशाना बनाया है। इन खालिस्तानी समर्थकों ने सेना में तैनात सिख जवानों और अफसरों में फूट डालने की साजिश रची है।

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इसके लिए सेना का एक नकली सीक्रेट आर्डर भी तैयार किया है, जिसके बूते विदेशों में बैठे ये खालिस्तानी समर्थक  सिख जवानों और अफसरों को अपनी अलगाववादी मुहिम ‘रेफरेंडम-2020’ से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सेना की एक विशेष विंग ने खालिस्तानी समर्थकों के इस खतरनाक षड्यंत्र का पर्दाफाश कर रिपोर्ट सेना हाईकमान को भेजी है।

विदेशों में बैठे देश विरोधी खालिस्तान समर्थक पंजाब को वर्ष 2020 तक भारत से अलग करने की एक अलगाववादी मुहिम ‘रेफरेंडम-2020’ चला रहे हैं। इन लोगों को पाकिस्तान का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। इसी के चलते ये लोग एक बार फिर पंजाब का माहौल पूरी तरह से खराब करना चाहते हैं। लेकिन अब इन्होंने भारतीय सेना में भी माहौल बिगाड़ने की तैयारी की है।
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इस तरह रचा गया खतरनाक षड्यंत्र
खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय सेना में तैनात सिख अफसरों और जवानों में फूट डालने के लिए एक फर्जी लेटर का सहारा लिया है। इस फर्जी सैन्य लैटर को ‘सीक्रेट आर्डर’ के नाम से 3 दिसंबर 2018 को तैयार किया गया। यह लेटर डायरेक्टरेट ऑफ मिलिट्री इंटेलीजेंस के साइकोलॉजिकलऑपरेशन्स विंग के डिप्टी डायेक्टर ब्रिगेडियर विक्रम मल्होत्रा के नाम से जारी किया गया है।

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एयरफोर्स चीफ व सिख जवानों के फोटो का गलत इस्तेमाल

यह लेटर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ को भी भेजा गया है। इस लेटर में लिखा गया है कि भारतीय सेना में तैनात कई सिख अफसर और जवान पंजाब को भारत से अलग करने वाली अलगाववादी मुहिम ‘रेफरेंडम-2020’ का अंदरखाते समर्थन कर रहे हैं।

इसलिए इन सिख जवानों और अफसरों के नाम, मोबाइल नंबर और उनके परिजनों की सूची जुटाकर उन पर नजर रखने की जरूरत है। इसी फर्जी लेटर को खालिस्तानी समर्थक पन्नू सोशल मीडिया पर वायरल कर सेना के सिख जवानों और अफसरों को भड़का रहे हैं और साथ ही पंजाबी युवाओं से भारतीय सेना ज्वाइन न करने की बात कह रहे हैं।

सेना की विशेष विंग ने जब इस पत्र को खंगाला तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सेना के एक आला अफसर ने बताया कि न तो 3 दिसंबर 2018 को सेना ने ऐसा कोई लेटर जारी किया है और न ही भारतीय सेना में ‘साइकोलॉजिकलऑपरेशन्स विंग’ के नाम से कोई इकाई है और न ही इसमें ब्रिगेडियर विक्रम मल्होत्रा नाम का कोई अफसर है। ये महज भारतीय सेना में एक फूट डालने की खतरनाक साजिश है। जिसके पीछे खालिस्तानी समर्थकों व पाकिस्तान का हाथ है।

सेना में सिख जवानों और अफसरों को भड़काने के लिए इन देश विरोधी ताकतों ने फूट का जो ‘जहर’ सोशल मीडिया पर वायरल किया  है, उसमें चीफ ऑफ एयरफोर्स स्टाफ बीएस धनोआ (सिख) व भारतीय सेना के अन्य सिख जवानों की फोटो का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। जो कि चौंकाने वाला है।
 
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