मौजूद सिख जत्थेबंदी के सदस्य और अध्यापक।
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बठिंडा के परसराम नगर चौक के पास स्थित शहीद संदीप सिंह सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बीते दिनों स्कूल स्टाफ ने छात्रों के कड़े और कंगन उतरवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद बुधवार को सिख जत्थेबंदियों ने स्कूल स्टाफ के खिलाफ धरना दिया। मामला बढ़ता देख स्कूल स्टाफ ने सभी छात्रों और सिख जत्थेबंदियों से माफी मांगकर मामला शांत करवाया।
सिख जत्थेबंदी के नेता परमिंदर सिंह बालियांवाली और रोबनदीप सिंह ने कहा कि छात्रों के धार्मिक चिह्न वाले कड़े को स्कूल स्टाफ किसी भी कीमत पर नहीं उतरवा सकता। इस धरने के दौरान स्कूल की महिला अध्यापकों और जत्थेबंदी के सदस्यों के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। धरने पर बहसबाजी की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने सिख जत्थेबंदी के सदस्यों और उन बच्चों से माफी मांग ली, जिनके कड़े उतरवाए गए थे। माफी मांगने के बाद सिख जत्थेबंदी ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
एसजीपीसी ने भेजी जांच टीम
उधर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने मामले की जांच के लिए एक जांच टीम भेजी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के आदेश पर धर्म प्रचार केंद्र तलवंडी साबो के प्रभारी जगपाल सिंह, प्रचारक भाई निरभैय सिंह, भाई अमरीक सिंह और भाई हरदीप सिंह को स्थानीय स्कूल में जाकर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह सिख भावनाओं से जुड़ा मामला है, क्योंकि जब भी ककारों से जुड़ा कोई मामला होता है तो संगत का गुस्सा फूटना स्वाभाविक है। बठिंडा के स्कूल में कड़े उतरवाने की घटना को गंभीरता लिया है। इसकी रिपोर्ट ली जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।