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लापता पावन स्वरूप मामला: एसजीपीसी ने रद्द की सीए की सेवाएं, मुख्य सचिव ने दिया इस्तीफा

Fri, 28 Aug 2020 10:15 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, अमृतसर
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पांच सिंह साहिबान के आदेश के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी ने लापता पावन स्वरूपों के मामले में वर्तमान मुख्य अधिकारियों, कर्मचारियों, रिटायर मुख्य सचिव हरचरण सिंह के साथ-साथ सीए एसएस कोहली के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। वीरवार शाम को वल्ला स्थित मेडिकल कॉलेज में हुई कार्यकारिणी की बैठक में एसजीपीसी के वर्तमान मुख्य सचिव सहित 15 अधिकारियों, कर्मचारियों सहित धर्म प्रचार कमेटी के एक मीत सचिव पर भी कार्रवाई की गई।
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एसजीपीसी के वर्तमान मुख्य सचिव और घटना के दौरान सचिव रहे डॉ. रूप सिंह ने बैठक से पहले अपना इस्तीफा अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल को भेज दिया था। एसजीपीसी ने डॉ. रूप सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए। पिछले एक दशक से अधिक समय तक एसजीपीसी में समानांतर व्यवस्था चलने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएस कोहली की सेवाएं भी तुरंत खत्म कर दी गई हैं।

जांच रिपोर्ट के अनुसार सीए को किए गए अब तक के भुगतान में से 75 फीसदी रिकवर करने के लिए कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया गया। लेजर में हुई गड़बड़ी के आरोप में सीए पर कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, पिछले 10 साल से लेजर का ऑडिट नहीं करवाया गया था।  कार्यकारिणी ने तत्कालीन मुख्य सचिव डॉ. हरचरण सिंह पर अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल रहने के आरोप लगाए। बै
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ठक में कहा गया कि गोल्डन प्रेस में काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा पावन स्वरूपों के रिकॉर्ड में हेराफेरी करने की जानकारी मिलने के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संवेदनशील मामले में हरचरण सिंह के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत के संकेत मिलते हैं। सिखों की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था के मुख्य प्रशासक होने के नाते उन्होंने अपनी जिम्मेदारी ठीक ढंग से सही निभाई। इनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया गया।

 एसजीपीसी अध्यक्ष लौंगोवाल ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि गोल्डन प्रेस के सहायक सुपरवाइजर (रिटायर) कमलजीत सिंह के फंड को जारी करने पर तुरंत रोक लगा दी गई है ताकि इनके विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जा सके।
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बैठक में लिए गए ये सभी फैसले

पावन स्वरूपों के रिकॉर्ड में की गई हेराफेरी, खुर्द-बुर्द और धोखाधड़ी के आरोप में इसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का फैसला किया गया। क्लर्क बाज सिंह को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। उसके विरुद्ध भी आपराधिक साजिश का पर्चा दर्ज करने की घोषणा की गई। मीत सचिव गुरबचन सिंह को बर्खास्त करने और आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए।

हेल्पर दलबीर सिंह को बर्खास्त करते हुए आपराधिक मामला दर्ज करवाने के आदेश दिए गए। जिल्द साज कुलवंत सिंह व जसप्रीत सिंह का ठेका तुरंत रद्द कर उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। मीत सचिव (वित्त) सतिंदर सिंह को निलंबित कर दिया गया। इनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। मीत सचिव मस्तान सिंह को भी निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए।

धर्म प्रचार कमेटी के मीत सचिव मंजीत सिंह को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने के आदेश जारी किए। एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर उन पर भी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए। गोइंदवाल साहिब में स्थित अंगीठा साहिब के सेवादार अमरजीत सिंह की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं।

इंचार्ज परमजीत सिंह और सुपरवाइजर गुरमुख सिंह को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए। इन सभी पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए महासचिव हरजिंदर सिंह धामी की अगुवाई में एक सब कमेटी का गठन करने का फैसला भी किया गया।
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