चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) चुनाव में कैंपस के ग्रुपों में उस समय खलबली मच गई, जब वीरवार को पुटा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद खालिद व पूर्व सचिव प्रो. एमसी सिद्धू ने हाथ मिला लिया। दोनों ग्रुप मिलकर चुनाव लड़ेंगे। प्रो. खालिद अध्यक्ष पद के लिए तो प्रो. सिद्धू सचिव पद के लिए मैदान में उतर गए हैं। अन्य पदों के लिए भी वे जल्द उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे। 13 सितंबर तक यह नामांकन कराएंगे।
इनके साथ आने से अन्य ग्रुपों में खलबली है, क्योंकि यह दोनों ग्रुप अपने में मजबूत हैं और अपनी छवि के जरिये यह जाने जाते हैं। शिक्षकों के मुद्दों को बहुत नजदीक से जानते हैं। इस ग्रुप ने घोषणा की है कि पुटा को स्वतंत्र निकाय बनाएंगे और शिक्षकों की सेवा करेंगे।
पहले भी रहे हैं अध्यक्ष व सचिव
पीयू में वैसे तो शिक्षकों के कई ग्रुप हैं, लेकिन बड़े ग्रुपों में प्रो. खालिद व प्रो. सिद्धू का नाम आता है। इनके पास 100 से 150 अपने वोट हैं। इसके अलावा अपने कार्यों के जरिये यह अपने से अन्य शिक्षकों को भी जोड़ लेते हैं। वीरवार को इन दोनों ग्रुपों ने बैठक की और साथ पुटा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। प्रो. खालिद के पास पुटा का 15 साल का अनुभव है। वह वामपंथी विचारधारा से जुड़े रहे हैं। पुटा के अध्यक्ष भी रहे और सचिव भी रहे। साथ 12 बार एग्जीक्यूटिव सदस्य चुने गए। इसी तरह प्रो. एमसी सिद्धू पुटा में दो बार सचिव रहे। उन्होंने उस दौरान शिक्षकों के मुद्दों को बड़े करीब से समझा और हल करवाया। वह सीनेट में भी रहे। साथ निर्दलीय चुनाव जीतकर पहुंचे थे। सूत्रों का कहना है कि इस ग्रुप का साथ भाजपा ग्रुप भी दे सकता है। क्योंकि पिछले पुटा चुनाव में प्रो. खालिद जिस ग्रुप से थे उसी ग्रुप को भाजपा के सदस्यों ने सपोर्ट किया था। हालांकि भाजपा ग्रुप भी एक या दो चेहरों को मैदान में उतारने की तैयारी में जुटा हुआ है।
यह ग्रुप आज खोल सकता है पत्ते
गोयल ग्रुप का अपना एक वर्चस्व है। इस ग्रुप में कई धुरंधर शिक्षक शामिल हैं। कई ग्रुपों को मिलाकर यह ग्रुप बना है। इस ग्रुप ने पुटा के अध्यक्ष, सचिव पद के लिए अभी पत्ते नहीं खोले हैं। कल तक इस ग्रुप के नाम भी सामने आ जाएंगे। हालांकि चर्चा कई नामों की है। इस ग्रुप पर प्रो. जतसिंदर ग्रोवर भी अध्यक्ष पद के लिए लड़ सकते हैं।