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जानें, नवजोत सिद्धू पर अब क्यों लग रहा है बीजेपी का एजेंट होने का आरोप?

Thu, 25 Jan 2018 09:39 AM IST
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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राहुल गांधी और नवजोत सिद्धू - फोटो : File Photo
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पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम अमरिंदर सिंह के बीच की खटास पंजाब की सियासत में भूचाल ला सकती है। जैसे हालात बन गए हैं उससे लगता है कि निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पहले की तरह उसी दोराहे पर खड़े हैं, जहां एक रास्ता दिल्ली जाता है तो दूसरा चंडीगढ़।
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हालात 2017 जैसे हैं, जब सिद्धू ने भाजपा को अलविदा कहा और इसके बाद असमंजस में फंस गए कि आप में जाएं या कांग्रेस में। भाजपा के राज्यसभा पद से इस्तीफा देने के बाद पहले आम आदमी पार्टी में जाने की खबरें वायरल हुईं। बाद में उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष राहुल गांधी से हाथ मिला लिया। हाथ चुनाव निशान पर कांग्रेस का प्रचार किया तो निकाय मंत्री बन गए। भले ही उनकी इच्छा डिप्टी सीएम बनने की थी, लेकिन राजनीति के धुरंधर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डिप्टी सीएम की पोस्ट ही खत्म करके उन्हें प्रारंभिक झटका दिया।

विपक्षियों के चक्कर में आपस में उलझे
सिद्धू ने जब बाबा बकाला की धरती पर बयान दिया कि दो दिन के लिए पुलिस मुझे दे दी जाए तो मैं मजीठिया समेत पंजाब के नशा बेचने वालों को जेल भिजवा दूंगा। इस मैसेज ने पंजाब सरकार की किरकिरी की तो कैप्टन का बड़ा बयान आया कि सिद्धू ने जो कहा वही जानें, लेकिन बिना सबूत किसी को जेल नहीं भेज सकते।
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सिद्धू पर लग रहा है बीजेपी एजेंट का आरोप

Captain Amarinder Singh - फोटो : File Photo
निकाय मंत्री के विभाग का लिफाफा खोल रहे हैं पंचायत मंत्री
सिद्धू निकाय मंत्री हैं, लेकिन पंचायत मंत्री तृप्त सिंह बाजवा मेयर के नाम पर लिफाफा खोल रहे हैं। इस बात से दर्शाता है कि सिद्धू को कैप्टन सरकार किनारा करने में जुट गई है।

सिद्धू पर लग रहा है बीजेपी एजेंट का आरोप
नवजोत सिंह सिद्धू भले ही कांग्रेस में हो लेकिन उन पर बीजेपी एजेंट होने का आरोप लग रहा है। कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता मंदीप सिंह मन्ना कहते हैं कि सिद्धू प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री के खिलाफ नहीं बोलते। केवल बादल एंड कंपनी के खिलाफ बोलते हैं। इसका मतलब है कि वो बीजेपी के एजेंट हैं।

मन्ना यह भी कहते हैं कि सिद्धू निकाय मंत्री होते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास पैसा मांगने पहुंच जाते हैं, जबकि यह काम वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का है। सिद्धू ईमानदार हैं लेकिन केवल कॉमेडी शो के लिए।
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