नवजोत सिंह सिद्धू (फा्इल फोटो)
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कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने कहा कि वह सीएम का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह मुंह बंद कर बैठ जाएं। अपने द्वारा उठाए तमाम मुद्दों पर सरकार के रुख से सिद्धू खासे खफा नजर आए।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब के मीट द प्रेस कार्यक्रम में सिद्धू ने कहा कि सीएम का सम्मान करता हूं। उनकी अपनी विचारधारा है, मेरी अपनी। जिसने पंजाब को लूटा हो, उसे छोड़ना नहीं चाहिए, उसकी प्रॉपर्टी जब्त की जानी चाहिए। जिसने पंजाब का पैसा अपनी जेब में डाला उस पर कार्रवाई बदला नहीं, इंसाफ है। अवैध कॉलोनियों के मामले में भी सीएम का सम्मान किया पर मुंह बंद कर तो नहीं बैठ सकता। जो पूरा पंजाब चाहता है, सिद्धू क्यों नहीं चाहेगा।
मैं अपनी बात सीएम के सामने रखता हूं। सरेआम कहता हूं कि इसके खिलाफ सबूत हैं। बिट्टू औलख और चाहल को क्यों जेल में बंद किया। दो लोगों के लिए अलग पैमाना कैसे हो सकता है। ईमानदार अफसर ने जांच रिपोर्ट दी, कोर्ट ने कहा- लागू करो। सारे चैनल और अखबारों में आ गई। फिर भी कोई कहता है कि सीलबंद है तो मैं मानने को तैयार हूं, पर अपनी बात से पीछे हटने को तैयार नहीं।
अगर नाबालिग से रेप पर मौत की सजा है तो नस्लें बर्बाद करने वालों को सख्त सजा क्यों नहीं। इतिहास किसी को माफ नहीं करता, वह याद दिलाता रहता है। रेत पर कैबिनेट के फैसले का मैं भी हिस्सा हूं। एक सवाल पर सिद्धू ने कहा कि आप का कोई अस्तित्व नहीं है। पहले कहते रहे कि फलां नशा तस्कर है, फिर माफी मांगने लगे। यह शिअद की बी-टीम है। राहुल गांधी से मुलाकात पर सिद्धू ने कहा कि उन्होंने कोई शिकायत नहीं की, उनकी शिकायतें जरूर हुई हैं।