चंडीगढ़। श्री राधा वल्लभ धाम सेक्टर-45 में आयोजित सप्ताह श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा व्यास विजय शास्त्री ने श्रीमद् भागवत महापुराण के प्रथम स्कंध की कथा सुनाई। भक्तों को धर्म, भक्ति और वैराग्य की व्याख्या सुनाई।
कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर सजे कलशों के साथ भक्ति गीतों का गान करती हुई नगर भ्रमण पर निकलीं। यात्रा का समापन कथा स्थल पर हुआ। कथा व्यास विजय शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का सेतु है। इसके श्रवण से मनुष्य के जीवन में आनंद, शांति और सद्गति प्राप्त होती है।
उन्होंने कथा में सूतजी और शौनकादि ऋषियों के संवाद, भागवत की महिमा, नैमिषारण्य की कथा तथा भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की उत्पत्ति का भावपूर्ण वर्णन किया गया। संध्या में सुंदर भजन-संध्या और आरती से वातावरण भक्तिमय हो उठा।