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बेअदबी मामलाः दो भाइयों ने सुलगाया पंजाब, ऑडियो वायरल

Thu, 22 Oct 2015 07:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब में पवित्र ग्रंथ की बेअदबी दो भाइयों ने कराई। दोनों ने विदेश में बैठकर इस 11 अक्तूबर को हुए कांड की साजिश रची। पंजाब पुलिस ने बुधवार को यह खुलासा करते हुए मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान फरीदकोट के गांव पंजगराईं खुर्द निवासी रुपिंदरजीत सिंह खालसा और जसविंदर सिंह के रूप में हुई है।
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पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना को विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं से मिले निर्देशों का पालन करते हुए अंजाम दिया। पंजाब के एडीजीपी क्राइम आईपीएस सहोता ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आरोपियों के तार विदेशों में बैठे साजिशकर्ताओं से जुड़े हैं। उनकी आस्ट्रेलिया और दुबई में मौजूद साजिशकर्ताओं से फोन पर बात होती रही।

बातचीत का ऑडियो सुनाते हुए पुलिस ने किया खुलासा
पत्रकार वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो भी सुनाया गया। सहोता ने बताया कि बरगाड़ी की घटना के बाद यह दोनों भाई अंडरग्राउंड हो गए थे। उनके बारे में गुप्त सूचना मिली कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी में उनका हाथ हो सकता है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनके फोन नंबरों को इंटरसेप्ट किया गया और सारी साजिश सामने आ गई।
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इंटरसेप्टिंग की यह कार्रवाई गत 14 से 16 अक्तूबर के बीच हुई। इनमें से एक में आस्ट्रेलिया से बोल रहा एक अज्ञात व्यक्ति, आरोपी रुपिंदर सिंह को उसके अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने की बात कह कर निर्देश दे रहा है। एक अन्य ऑडियो में बेअदबी के बाद दोनों के बीच बातचीत का जिक्र है।

बरगाड़ी कांड के आरोपियों की फोन पर हुई बातचीत

रुपिंदर सिंह तथा जसविंर के बीच पंजाबी में बातचीत इस तरह से हुई :
रुपिंदर : हां तेरे कोल अमना आवेगा, आपणे घरे उसदे नाल कोई बंदा वी आवेगा, उसनूं मिलाउणा है तूं मेरे नाल, किवें करिए?
जसविंदर : एवें ही गल्ल बाहर निक्कल जांदी है।
रुपिंदर : कम्म बोहत जरूरी है, उसदे कोल महाराज दा समान पेया है... अंग।
जसविंदर : केहड़े जेहड़े पाड़े है के जेहड़ बाकी...?
रुपिंदर : बस्स अगांह नहीं गल्ल करीदी।
जसविंदर : फिर हुण?

अज्ञात व्यक्ति और रुपिंदर के बीच हुई बातचीत के अंश
अज्ञात : जां तां किसे बंदे नूं आपणा नंबर दे, असीं तां बाहर हां, आ नहीं सकदे।
रुपिंदर : मैं कैहंदा हां किसे होर दे हत्थ न लग्ग जावे जे भेजणी है।
अज्ञात : मैं जां तां इद्दां करदा हां के तेरे हत्थ दे के जाण घरे।
रुपिंदर : मैं तुहानूं अकाउंट भेज देंदा हां। नाल दे सिंघां नूं एटीएम दे देआंगा, जिवें-जिवें सेवा होई ओह देई जाणगे।
अज्ञात : तूं मैनूं आपणा अकाउंट भेज, उस विच्च पवा दिंदां।
रुपिंदर : मैं तुहाडे नाल पर्सनल गल्ल करनी सी, मैं किते बैठा हां, मैं वाट्सऐप ते मैसेज करांगा ते 85985 तों मिस कॉल करूंगा ते तुसीं कॉल करेया।
अज्ञात : मेरा वीर जरूर करीं, सानूं सभनूं बोहत फिक्र है, क्योंके नेड़ला बंदा तूं ही हैं, जिसतों कोई गल्लबात पता लग्गदी है।
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आतंकी संगठनों की भूमिका की जांच होगी

मामले में पुलिस विभिन्न आतंकी संगठनों का हाथ होने की थ्योरी पर भी जांच कर रही है। जिन विदेशी नंबरों पर आरोपियों की बातचीत हुई, उनके जरिए पुलिस साजिशकर्ताओं के तार जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है।

एडीजीपी सहोता के अनुसार अभी तक की जांच में यही बात सामने आई है कि विदेशों में बैठी ताकतें पंजाब के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को निशाना बनाकर यहां हालात खराब करना चाहती हैं।

रुपिंदर और जसविंदर के परिवार की आर्थिक हालत भी बहुत अच्छी नहीं थी। वह गांव में छोटी दुकान कर गुजारा चला रहे थे। ऑस्ट्रेलिया से टेलीफोन पर हुई बातचीत से स्पष्ट है कि वहां से उनके अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने की बात हुई।

इसी के चलते उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। सहोता ने कहा कि बरगाड़ी और अन्य स्थानों पर हुई बेअदबी की घटनाओं में कोई आपसी लिंक नहीं है।
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