पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह, हरनेक सिंह न्यूजीलैंड व गुरबख्श सिंह काला अफगाना से मिलना-जुलना व किसी भी तरह के संबंध रखना अकाल तख्त के आदेशों का उल्लंघन माना जाएगा। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने संगत को यह निर्देश दिए हैं कि इन्हें पंथ से निष्कासित किया गया है, इसलिए संगत इन तीनों से मिलने से परहेज करे, ताकि श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा बनी रहे।
दो वर्ष पहले गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान सुच्चा सिंह लंगाह की एक महिला के साथ अश्लील वीडियो वायरल हुई थी। मामला अकाल तख्त साहिब पहुंचा था। जांच के बाद अकाल तख्त साहिब ने सुच्चा सिंह लंगाह को पंथ से निष्काषित कर दिया था। बाद में इस महिला ने अदालत में अपने आरोप वापस ले लिए, जिससे लंगाह बरी हो गए। बरी होने के बाद लंगाह ने श्री अकाल तख्त साहिब को एक पत्र लिख कर सिख पंथ से निष्काषित किए जाने के फैसले को वापस लेने की गुहार लगाई।
अकाल तख्त ने अभी तक लंगाह के इस पत्र पर कोई भी विचार नहीं किया है। अब अकाल तख्त साहिब में यह शिकायत पहुंची है कि सुच्चा सिंह लंगाह सिख पंथ से निष्काषित होने के बावजूद डेरा बाबा नानक विधानसभा क्षेत्र में अकाली दल के बैनर तले चुनाव प्रचार कर रहे हैं। शिअद ने लंगाह को पार्टी से निकाला हुआ है। लोग उनकी सभाओं में पहुंच रहे हैं। वहीं लंगाह का कहना है कि इस समय अकाली दल संकट में है और वह अकाली दल के सिपाही हैं, इसलिए वह लोकसभा चुनाव के लिए अकाली-भाजपा प्रत्याशी का चुनाव प्रचार कर रहे हैं।