अब इस पार्क में टहलने के लिए ट्रैक, खूबसूरत लाइट, शौचालय समेत तमाम तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। तरुणा मेहता ने बताया कि करीब दो साल तक अलग-अलग विभाग के सहयोग से इसे तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि एक जमाने में यहां कूड़े के ढेर के साथ कई तरह की आपराधिक घटनाएं भी होते रहती थीं। यहां तक कि लोगों को मारकर फेंकने की घटनाएं भी सालों पहले हो चुकी हैं।
1000 टन कूड़ा हटाया गया
तरुणा मेहता बताती हैं कि यहां करीब 1000 टन से ज्यादा कूड़ा निकाला गया। महीनों तक सफाई का काम चला। उसमें नगर निगम की टीम ने सहयोग किया। लेकिन अब यह जगह सेक्टर-30 के सबसे खूबसूरत पार्क में तब्दील होकर ग्रीन लैंड के तौर पर विकसित हो गया है। सूत्रों का कहना है कि इसमें करीब एक करोड़ रुपये तक का खर्च आया है। स्थानीय लोगों ने भी इसके निर्माण से खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि सुबह-शाम टहलने और बाकी समय बैठने के लिए इलाके के लोगों के लिए यह तोहफा की तरह है।