चंडीगढ़। मलोया में पुनर्वास योजना में मिले फ्लैट्स में दुकान खोलकर बैठे लोगों पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की है। यहां काफी संख्या में लोग घरों में दुकान चला रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद सीएचबी इन्फोर्समेंट विंग के अधिकारी पहुंचे और 20 दुकानों का सामान जब्त किया और चालान किया। इन्फोर्समेंट विंग की टीम ने कई लोगों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी भी दी। वहीं, कार्रवाई होती देख कई लोग घर में ताला लगाकर भाग गए।
मलोया के न्यू फ्लैट्स के अलावा लोगों ने बोर्ड की जमीन पर अवैध रूप से स्टॉल भी लगाए हुए थे, जिसके चलते इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई। यहां कई दुकानों और स्टॉल का सामान जब्त कर लिया है। बोर्ड की इस कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई का लोगों ने विरोध करने का भी प्रयास किया।
बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें शिकायत मिल रही थी कि यहां मकानों में लोगों द्वारा अवैध रूप से दुकानें चलाई जा रही हैं। यहां तक कि सरकारी भूमि पर स्टॉल लगाकर भी काम किया जा रहा है। इसके चलते यह कार्रवाई की गई। कई लोग मौके से भाग निकले, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई। उनके खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सेक्टर-40 व 41 में अवैध निर्माण गिराए
टीम ने बिना परमिशन नई कंस्ट्रक्शन करने पर सेक्टर-40 और 41 में भी ड्राइव चलाई। यहां पर दो मकानों का अवैध निर्माण गिराया गया। इन लोगों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसके बाद भी वॉयलेशन नहीं हटाई गई। बोर्ड की तरफ से बिना परमिशन कंस्ट्रक्शन करने पर नोटिस जारी किया जाता है। कंस्ट्रक्शन रोकने और वॉयलेशन हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया जाता है। अगर तीन दिन के अंदर कंस्ट्रक्शन रोककर वॉयलेशन नहीं हटाई जाती तो बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाती है। बोर्ड द्वारा ड्राइव पर आया खर्च भी अलॉटियों से ही वसूला जाता है। इसके लिए जल्द ही इन मकान मालिकों को डिमांड नोटिस भेजे जाएंगे। अगर डिमांड नोटिस की राशि अलॉटी द्वारा नहीं जमा करवाई जाएगी तो बोर्ड द्वारा अलॉटमेंट कैंसिल करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। बोर्ड ने इसके लिए टीमें गठित की हैं, जो शहर भर में जाकर चेकिंग कर रही हैं। वॉयलेशन का केस सामने आने पर टीम द्वारा मौके पर ही चालान काटा जाता है।