बुडिया चौक से लेकर बुडिया गेट चौकी तक दबाए जा रहे सीवरेज का काम पूरा न होने से खफा दुकानदारों ने मंगलवार को डेढ़ घंटे तक नेशनल हाईवे नंबर-73 ए (बुडिया चौक) पर जाम लगा कर रखा।
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम के ईओ केके जैन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी जिला उपायुक्त को मौके पर बुलाने की बात पर अडे़ रहे।
तहसीलदार जगाधरी रमेश सिंगला ने मौके पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को समझाया और जल्द काम पूरा करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि जाम लगाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मंगलवार को बुडिया चौक से लेकर बुडिया गेट चौकी तक के दुकानदार एकत्रित हुए, जो कि जलुस की शक्ल में नेशनल हाईवे नंबर-73 ए पर बुडिया चौक पर पहुंच गए। जहां पर उन्होंने हाईवे को जाम कर दिया। जाम के कारण हाईवे पर दोनाें तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रदर्शनकारी डॉ. ऋषिराज, राकेश कुमार, रविंद्र अरोड़ा, राजकमल, परमजीत डॉ. पुष्कर दत्त, मनोहर लाल, राजन अरोड़ा, रजत गांधी और राजेश ने बताया कि करीब आधे जगाधरी शहर में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या है। इसको खत्म करने के लिए प्रशासन की ओर से श्मशान घाट रोड (बुड़िया चौक से बुडिया पुलिस चौकी तक) सीवरेज लाइन डाली गई थी।
समय पर काम पूरा न होने की वजह से सीवरेज चालू नहीं किया गया है। क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी न होने की वजह से लोगों के घराें में गंदा पानी घुस रहा है। पिछले कुछ दिनों से समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। क्षेत्रवासियों को मजबूर नरकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सड़क पर जगह जगह गंदा पानी खड़ा होने की वजह से दुकानदारों की दुकानदारी पूरी तरह से ठप हो गई है। त्योहारों के सीजन में उनका धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है। जाम लगाने से पहले सभी दुकानदारों को मार्केट को बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समस्या से निजात पाने के लिए उन्होंने पब्लिक हेल्थ के एसडीओ और एक्सईएन को शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक समाधान नहीं किया।
इसके बाद उन्होंने एडीसी और एसडीएम को भी शिकायत दी। वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूरन उन्होंने हाईवे को जाम करने का निर्णय लिया। जाम की सूचना मिलने के बाद ईओ केके जैन ने मौके पर पहुंच कर लोगों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। जगाधरी तहसीलदार रमेश सिंगला से आश्वासन मिलने के बाद दुकानदार शांत हुए।