काहनूवान में पंचायत की जमीनों से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। इस मामले में नोटिस जारी किए जाने के बाद कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है। विधानसभा में कादियां की विधायक चरणजीत कौर बाजवा ने यह मुद्दा उठाया था। दो सरपंचों द्वारा पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले पर सियासत के बाद अब इस मामले में सरकारी अमला हरकत में आया है। इसी के तहत 18 परिवारों को नोटिस जारी की गई है। ऐसे में 50 से अधिक परिवारों पर जमीन से बेदखल होने का खतरा मंडरा रहा है।
नोटिस जारी करने की कार्रवाई काहनूवान कस्बे के मसीह बाहुल्य इलाके में की गई है। अब यहां के लोगों को जमीन से बेदखल होने की चिंता सता रही है। यहां के इकबाल मसीह ने बताया कि वे करीब 35 वर्ष पूर्व उस समय के पंचायत सरपंच नवल किशोर पुरी तथा पंच मकबूल के कहने पर यहां घर बनाया था। धीरे धीरे अन्य दलित व गरीब परिवारों के लोग भी यहां आकर बस गए। इन घरों के आसपास बाकायदा सरकार द्वारा गलियाें व नालियों का निर्माण भी कराया गया है। साथ ही घरों में बिजली व पानी के कनेक्शन भी दिए गए हैं।
अब सरकारी स्तर से घरों की निशानदेही की गई है। साथ ही 30 सितंबर तक गैर कानूनी काब्जेकारों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। वे इस कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन करेंगे, क्योंकि ऐसी कार्रवाई उनके साथ अन्याय है। उनमें कादियां की विधायक के प्रति रोष है।
उधर, विधायक चरणजीत कौर बाजवा का कहना है कि उनके द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवाल में पंचायती तथा सरकारी जमीनों पर रसूख वाले राजनीतिक लोगों पर कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया गया था। उन्होंने कई वर्षों से घर बनाकर रहने वाले गरीब लोगों पर कार्रवाई करने की कोई मांग कभी नहीं की। वहीं पंचायत समिति काहनूवान के वर्तमान अधिकारी गुरप्रीत सिंह गिल ने कहा कि पंचायत की जमीनों से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।