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Chandigarh News: पीजीआई के डीन अकादमिक को झटका, सेवानिवृत्ति पर रोक का आदेश वापस

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चंडीगढ़। पीजीआई के डीन अकादमिक प्रोफेसर राजेश सहगल को झटका देते हुए सेंट्रल एडमिनस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने उनकी 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति के आदेश पर लगाई गई रोक को वापस ले लिया है। हालांकि उन्हें सेवानिवृत्त करने को चुनौती देने वाली मुख्य याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी।प्रोफेसर सहगल ने कैट में याचिका दाखिल कर बताया है कि पीजीआई चंडीगढ़ ने 31 मार्च 2023 को उनके समेत 16 अन्य अधिकारियों व कर्मियों को सेवानिवृत्त कर उन्हें विदाई पार्टी दे दी थी। याची ने कहा कि उन्हें 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किया जा रहा है, जबकि प्रावधानों के तहत निर्धारित आयु 70 वर्ष है। राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद अधिनियम 2019 का हवाला देते हुए उन्होंने अन्य संस्थानों की तर्ज पर 70 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रखने का निर्देश जारी करने की अपील की थी।
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उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कैट ने उनकी सेवानिवृत्ति के आदेश पर रोक लगा दी थी। इस आदेश के खिलाफ अर्जी दाखिल करते हुए पीजीआई व अन्य ने इसे हटाने की मांग की थी। कैट ने इस मांग को लेकर दाखिल अर्जी का निपटारा करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु के बाद आवेदक के बने रहने से आवेदक जिस पद पर मौजूद है, उसके लिए अगले पात्र सदस्यों की नियुक्ति अवरुद्ध होने की संभावना है। ऐसे में उसके पद से सेवानिवृत्त होने के बाद ही अगले पात्र व्यक्तियों के लिए अवसर उपलब्ध होगा।
इस पर याची पक्ष ने दलील दी कि यदि उसकी सेवानिवृत्ति के आदेश पर लगाई गई रोक को हटाया गया तो उसे ऐसी क्षति होगी, जिसकी प्रतिपूर्ति नहीं की जा सकती है। कैट ने कहा कि यदि याची की मुख्य याचिका मंजूर होती है और उसे 70 वर्ष की आयु तक सेवा देने के लिए पात्र माना जाता है तो इसकी प्रतिपूर्ति मुआवजे के रूप में की जा सकती है। ऐसे में कैट ने उनकी 65 वर्ष की रिटायरमेंट पर लगाई गई रोक को हटाते हुए पीजीआई की अर्जी को मंजूर कर लिया है।
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