यूटी के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल शिवराज पाटिल के सोमवार को नई दिल्ली रवाना होने के साथ ही शहर में चर्चाओं का बाजार गरम हो गया।
शहर के राजनीतिक गलियारों से लेकर सचिवालय तक में यही चर्चा होती रही कि पाटिल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने गए हैं और वह अपना इस्तीफा दे सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के शासन में नियुक्त कई और राज्यों के राज्यपाल भी सोनिया गांधी से मिले हैं और उन्होंने भी अपना इस्तीफा देने की पेशकश की है।
केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद नए राज्यपालों की नियुक्ति होना तय है और ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि पाटिल सहित अन्य राज्यपाल या तो पहले ही इस्तीफा दे देंगे या उन्हें बदल दिया जाएगा।
पाटिल का कार्यकाल अगले साल 22 जनवरी को खत्म होना है। लेकिन स्थानीय भाजपा नेता भी चाहते हैं कि उन्हें जल्द ही या तो खुद पद छोड़ देना चाहिए या उन्हें बदल दिया जाए।
ऐसे में उम्मीद है कि चंडीगढ़ को भी जल्द ही नया प्रशासक और पंजाब को नया राज्यपाल मिल जाएगा। लोकसभा के पूर्व स्पीकर और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने 22 जनवरी 2010 को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक का पद संभाला था।
पाटिल के कांग्रेस से संबंधित होने के कारण ही 16 मई से चर्चा तेज हो गई है कि पाटिल अपना कार्यकाल पूरा न कर पाएं। शहर के अगले प्रशासक को लेकर कई नामों पर कयास लगाया जा रहा है। भाजपा के कई दिग्गज नेताओं का नाम चल रहा है।