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यूक्रेन संकट: 27 फरवरी से पोलैंड में फंसा तलवाड़ा का शिवम, केंद्र सरकार व दूतावास ने अभी तक नहीं किया संपर्क

Thu, 03 Mar 2022 06:55 PM IST
ajay kumar राकेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, तलवाड़ा (पंजाब)

सार

केंद्रीय राज्य मंत्री और होशियारपुर के सांसद सोम प्रकाश ने कहा कि भारत सरकार चिंतित है और यूक्रेन में फंसे छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए काम कर रही है। अब तक नौ विमानों से दूसरे देशों में पहुंचे छात्रों को भारत लाया जा चुका है।
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यूक्रेन में एक रेलवे स्टेशन में फंसे भारतीय छात्र - फोटो : फाइल
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विस्तार
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तलवाड़ा शहर के मंदिर में पुजारी चुनु झा ने अपने 25 वर्षीय बेटे शिवम झा को यूक्रेन में एमबीबीएस की शिक्षा लेने वर्ष 2017 में भेजा था। शिवम के पिता चुनु झा और माता सुनीता देवी ने बताया कि केंद्र सरकार व यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास के आदेशानुसार उनका बेटा शिवम यूक्रेन से किसी तरह अपनी जान जोखिम में डाल एक प्राइवेट टैक्सी से 27 फरवरी को पोलैंड पहुंच गया था। शिवम के अभिभावकों ने बताया कि केंद्र सरकार व यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने अभी तक उनके पुत्र शिवम के साथ संपर्क कायम नहीं किया।

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शिवम के माता-पिता ने बताया कि उनका बेटा वर्ष 2017 में यूक्रेन की नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस करने गया था। उन्होंने बताया लगभग हर रोज ही दिन में एक दो बार उनकी वीडियो कॉल के जरिये शिवम से बात हो जाती है। इससे वहां के हालात का पता चलता रहता है। शिवम ने उन्हें बताया कि मंगलवार से उन्हें खाने के लिए भी तरसना पड़ रहा है। 

पूरे दिन में उन्हें खाने के लिए बस बिस्कुट या एक चाकलेट दी गई है। पीड़ित शिवम झा के अभिभावकों ने भारत व पंजाब सरकार से मांग की है कि उनके बेटे को जल्द भारत वापस लाया जाए। वहीं जब इस संबंध में पीड़ित शिवम झा के अभिभावकों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से जिला प्रशासन को इसके बारे में बता दिया गया है। प्रधानमंत्री व केंद्रीय विदेश मंत्री को भी भारतीय बच्चों को यूक्रेन से भारत लाने के लिए ईमेल की गई है। 
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केंद्रीय राज्य मंत्री और होशियारपुर के सांसद सोम प्रकाश ने कहा कि भारत सरकार चिंतित है और यूक्रेन में फंसे छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए काम कर रही है। अब तक नौ विमानों से दूसरे देशों में पहुंचे छात्रों को भारत लाया जा चुका है। सात और जहाज आ रहे हैं, जिसका पूरा खर्च भारत सरकार वहन कर रही है। 

भारतीय वायुसेना को भी अलर्ट कर दिया गया है। सरकार के सामने दो तरह की समस्याएं हैं। यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंचे छात्रों को भारत लाना। दूसरा यह है कि यूक्रेन के अंदर से फंसे छात्रों को बाहर लाना। इसके लिए पीएम ने स्थिति से निपटने के लिए चार कैबिनेट मंत्रियों के साथ दो उच्चस्तरीय बैठकें की हैं। सांसद ने दावा किया कि भारतीय दूतावास छात्रों के संपर्क में है। 

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