पंजाब कांग्रेस प्रभारी पर कांग्रेस हाईकमान शुक्रवार देर शाम तक भी कोई फैसला नहीं कर सका। कांग्रेसी हलकों में अटकलों का दौर चलता रहा। एक दिन पहले पार्टी शीला दीक्षित के नाम पर विचार कर रही थी। लेकिन कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का मानना है कि शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश में सीएम कैंडिडेट बनाया जाना चाहिए।
इसलिए हाईकमान भी असमंजस में है। वहीं, शीला दीक्षित को लेकर पार्टी में भी एकराय नहीं बन पा रही है। पार्टी का एक वर्ग मानता है कि शीला को इंचार्ज बनाने से आम आदमी पार्टी के तेवर अक्रामक हो जाएंगे। जो आरोप वह दिल्ली में लगाती रही है, वह पंजाब में भी दोहराए जाएंगे।
इसलिए किसी बेदाग छवि के नेता को पंजाब प्रभारी बनाया जाए। क्योंकि प्रभारी का काम संगठनात्मक स्तर तक ही सीमित होता है। वहीं, एक वर्ग का मानना है कि शीला की साफ छवि का पंजाब में फायदा मिलेगा। आप के खिलाफ वह पार्टी के लिए दमदार मोहरा साबित हो सकती हैं।