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रेलवे ने बढ़ाया किराया, पूर्व रेल मंत्री की तल्ख प्रतिक्रिया, लोग भी भड़के

Fri, 09 Sep 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Pawan Kumar Bansal on fare hike - फोटो : अमर उजाला
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शताब्दी, दुरंतो और राजधानी में किराया बढ़ाए जाने पर पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने कड़ा एतराज जताया है। लोगों की भी तीखी प्रतिक्रियाएं रहीं। पवन कुमार बंसल का कहना है कि सरकार पार्लियामेंट में प्रस्ताव लाकर किराया बढ़ा सकती थी। लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है।
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उन्होंने कहा कि आनेवाले समय में बीजेपी सरकार सभी ट्रेनों में यह प्रणाली लागू कर सकती है। इस तरह किराया हवाई जहाज में बढ़ता है। जहाजों में अमीर लोग सफर करते हैं। रेल तो आम आदमी की सवारी का जरिया है। दुरंतो तो गरीब रथ जैसी है। इस प्रकार किराया बढ़ाने से लोगों पर भार पड़ेगा। फिर तीन महीना पहले टिकट कटाने का कोई मतलब ही नहीं रहेगा। केंद्र मनमानी से फैसले कर रहा है।  

राजस्व बढ़ाने के लिए ढूंढें नया मॉडल
सरकार को राजस्व बढ़ाने के लिए अन्य स्रोतों का प्रयोग करना चाहिए। बंसल का कहना है कि ट्रेन में दो करोड़ यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। ट्रेन के अंदर और बाहर अगर विज्ञापन
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लगाया जाए तो उससे काफी राजस्व की प्राप्ति होगी। 
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कोई भी नहीं चाहता बढ़े ट्रेनों का किराया 

शताब्दी एक्सप्रेस
रेलवे की ओर से 163 साल बाद एयरलाइंस जैसी फ्लेक्सी किराया प्रणाली का शहर के लोग विरोध कर रहे है। सुविधा केनाम पर रेलवे टिकट पर 10 से 50 फीसदी तक बढ़ा रहा है लेकिन लोगों को बेहतरीन सुविधा नहीं मिल पा रही है। दुरंतो, राजधानी, शताब्दी ट्रेन में टिकट अगर 50 फीसदी महंगा हो जाएगा तो मध्यम वर्गीय परिवार का सफर करना मुश्किल हो जाएगा।

रिजर्वेशन में फ्लेक्सी किराया प्रणाली नहीं अपनाई जानी चाहिए। रेल आम आदमी की सवारी है। इसका किराया लोगों के बजट के दायरे में होना चाहिए। एयरलाइंस की तरह अगर इसका किराया बढ़ेगा तो यात्रियों को मुश्किल का सामना करना पडे़गा। अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो ट्रेन और विमान का किराया बराबर हो जाएगा। 

लोगों की जेब पर डाला जा रहा डाका
शताब्दी ट्रेनों का जिस तरह से किराया बढ़ाया जा रहा है, यह जनता से लूट है। रेल और प्लेन का किराया बराबर किया जा रहा है। इससे लोगों को पचास फीसदी ज्यादा किराया देना होगा। चंडीगढ़ से दिल्ली का चेयर कार 605 रुपये है । अब बाद में टिकट कराने वालों को 900 रुपये खर्च करने पडे़ंगे। इसे बढ़ाया नहीं जाना चाहिए। - हितेश पुरी, फॉसवेक, वाइस चेयरमैन
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'सपना दिखाकर जनता को लूट रहे'

शताब्‍दी एक्‍सप्रेस - फोटो : ब्यूरो
आम आदमी ट्रेन का सफर करता है। लांग रूट पर जल्दी जाने के लिए लोग दूरंतो, शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस में सफर करना बेहतर समझते हैं। अगर यह किराया डेढ़ गुना ज्यादा हो जाएगा तो लोगों को ट्रेन में सफर तय करने में दिक्कत होती है। सुविधा के नाम पर किराया बढ़ाकर जनता को लूट रहे हैं। - संजीव राणा, प्रणय मीडिया प्रोडक्शन हाउस, डायरेक्टर
 
किराया बढ़ाया, लेकिन ट्रेनें लेट हो रही
ट्रेनों का बुकिंग चार्ज बढ़ा दिया है। हर बार ट्रेनों में किराया बढ़ाकर लोगों का सफर महंगा किया जा रहा है लेकिन ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शताब्दी, दूरंतो, राजधानी जैसी ट्रेनें लांग रूट पर तीन से पांच घंटे देरी से पहुंच रही हैं। रेल मंत्रालय इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बस लोगों से सुविधा के नाम पर पैसे वसूल रहा है। - सतीश खंडेलवाल, प्रेस सचिव , खंडेलवाल समाज 

रेल का किराया नहीं बढ़ना चाहिए
 रेल का किराया नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। दो साल में सुविधाओं के नाम की बात कर किराया लगातार बढ़ाया जा रहा है। जबकि रेलवे की सुविधा ठीक नहीं है। प्लेट फार्म पर गदंगी बनी रहती है। रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया है। - कमलजीत सिंह पंछी, प्र्सिडेंट चंडीगढ़ ट्रेडर्स एसोसिएशन सेक्टर - 17
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