मार्निंग शताब्दी से नई दिल्ली तक सफर करने वाले ट्राइसिटी के यात्री अगले महीने से लग्जरी कोच में यात्रा कर सकेंगे। ठीक वैसे ही जैसे वे विमान में करते हैं।
सीट के पास लगे बटन को दबाकर वह अटेंडेंट बुला पाएंगे। अगले महीने से मार्निंग शताब्दी में अनुभूति कोच जोड़ा जाएगा।
इसके बाद यह ट्रेन देश की पहली ऐसी शताब्दी एक्सप्रेस बन जाएगी जिसमें अनुभूति कोच लगा होगा। चेन्नई में इंटीग्रेटेड कोच फैक्टरी से यह कोच मंगाया जा रहा है और अगले महीने इस कोच के चंडीगढ़ पहुंचने की उम्मीद है।
रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में अनुभूति कोच शताब्दी एक्सप्रेस में जोड़ा जाएगा। स्थानीय सांसद और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने इस साल के रेल बजट में शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों में अनुभूति कोच की घोषणा की थी।
अनुभूति कोच में शताब्दी की एक्जीक्यूटिव क्लास की तरह ही 56 सीटें होंगी और इनका किराया शताब्दी के एक्जीक्यूटिव क्लास के किराए से 60 फीसदी ज्यादा होगा।
इस कोच में सफर करने वाले यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे ने अनुभूति कोच को तैयार करने में लगभग 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जबकि सामान्य एलएलबी कोच 2.5 करोड़ में तैयार होता है।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार मार्निंग शताब्दी में इस कोच को लगाने के बाद इसे शाम और दोपहर की शताब्दी में भी लगाया जाएगा।
यह होगा अनुभूति कोच में
- एलसीडी स्क्रीन और मॉड्यूलर टॉयलेट्स होंगे
- कोच में ऑटोमैटिक दरवाजे होंगे जो खुद खुलेंगे
-चौड़ी और आरामदायक स्पेशल डिजाइनर सीटें होंगी
-इस कोच के लिए अलग केटरिंग सेवाएं होंगी
-केटरिंग का जिम्मा विमान में केटरिंग सेवाएं देने वाले केटरर के पास होगा
-कोच में स्पेशल अटेंडेंट होगा और आरओ की सुविधा भी होगी
-कोच में कॉफी की मशीन भी लगी होगी