नई योजना के अनुसार मार्केट में जमीन से तीन फीट ऊंचाई पर नए बूथ बनाए जाएंगे। इनकी ऊंचाई 10.30 फीट होगी। दुकानदारों को छत पर सामान स्टोर करने की सुविधा भी दी जाएगी जिससे बाजार में जगह की कमी की समस्या दूर होगी। मार्केट में चार एंट्री और चार एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे जिससे लोगों की आवाजाही सुगम होगी और भीड़भाड़ कम होगी।
मार्केट के प्रधान पीयूष गोयल ने बताया कि परियोजना के तहत स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू किया जाएगा जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा के लिहाज से मार्केट में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। आग से सुरक्षा के लिए दो वाटर टैंक बनाए जाएंगे जिनकी क्षमता सवा लाख लीटर होगी। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मार्केट की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे जिससे पूरी मार्केट को रोशन किया जा सकेगा। इस स्मार्ट मार्केट परियोजना पर करीब 8 से 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसे दुकानदार खुद वहन करेंगे। प्रशासन का मानना है कि शास्त्री मार्केट के स्मार्ट रूप में विकसित होने से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि चंडीगढ़ को एक नई पहचान भी मिलेगी।