श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की ओर से रचित शबद की लाइनों को तोड़ मरोड़ कर भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेटली का नाम शामिल करने से पंथक विवाद में फंसे कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किल और बढ़ गई है।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने मजीठिया के मामले में विचार करने के लिए पांच सिंह साहिबानों की बैठक एक मई को 10 बजे श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में बुलाई है। बैठक में मजीठिया को भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। इस मसले पर सिख संगठन बिक्रम सिंह मजीठिया का भारी विरोध कर रहे हैं।
पंथ से निष्कासित और तनखइया घोषित
तख्त श्री हजूर साहिब ने मजीठिया को इस मामले पर तनखइया घोषित कर दिया है जबकि तख्त श्री पटना साहिब ने मजीठिया को पंथ से निष्कासित करने का फरमान जारी किया है। इस कारण श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने एक मई को श्री अकाल तख्त साहिब पर पांच सिंह साहिबान की बैठक बुलाई है।
ज्ञानी गुरबचन सिंह सोमवार को मजीठिया मामले में मीडिया के साथ बातचीत करने से कतराते रहे। उन्होंने मीडिया को सिर्फ इतना जवाब दिया कि उन्हें अभी इस बारे में कुछ भी नहीं कहना है। जो भी कहेंगे, एक मई को पांच सिंह साहिबान की बैठक के बाद ही कहेंगे। उन्होंने कहा कि अपना पक्ष रखने के लिए मजीठिया को भी एक मई को श्री अकाल तख्त साहिब पर बुलाया गया है। पांच सिंह साहिबान जो भी फैसला लेंगे, वह कौम को बता दिया जाएगा।
बादल की ओर से मजीठिया को क्लीन चिट
जत्थेदार से जब पूछा गया कि बादल की ओर से मजीठिया को क्लीन चिट दे दी गई है तो उन्होंने कहा कि यह बादल के निजी विचार हो सकते हैं। पंथक विचार एक मई को पांच सिंह साहिबान ही बताएंगे।
इस संबंध में बिक्रम सिंह मजीठिया के मीडिया प्रभारी सरचांद सिंह ने कहा कि मजीठिया एक मई को एक सिख के रूप में श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। पांच सिंह साहिबान जो भी आदेश देंगे मजीठिया उसे स्वीकार करेंगे। सरचांद ने कहा कि तख्त श्री हजूर साहिब की ओर से मजीठिया को जो तनखइया घोषित किया गया है, उस संबंध में भी मजीठिया की ओर से तख्त श्री हजूर साहिब के जत्थेदार को अपना माफीनामा भेज दिया गया है। इसके बाद तख्त हजूर साहिब में हुई सिंहों की बैठक के बाद मजीठिया के माफीनामे को विचार के लिए स्वीकार किया गया है।
मजीठिया पर लगेगी ‘सेवा’, फिर मिलेगी माफी
नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब द्वारा सोमवार को कैबिनेट मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की ओर माफीनामा भेजे जाने के बाद फैसला लिया गया है कि मजीठिया को सिंह साहिबान द्वारा लगाई जाने वाली ‘सेवा’ भुगतने के बाद ही माफ किया जाएगा।
जत्थेदार भाई कुलवंत सिंह द्वारा सोमवार को जारी हुक्मनामे में कहा गया है कि मजीठिया ने लिखित रूप में अपना माफीनामा पांच सिंह साहिबान को भेजा है और अपनी गलती के लिए माफी मांगते हुए हर तरह की सजा भुगतने के लिए भी खुद को पेश कर दिया है। जत्थेदार कुलवंत सिंह ने कहा कि सोमवार को सिंह साहिबान ने मजीठिया के लिखित माफीनामे पर विचार कर यह फैसला किया है कि मजीठिया जब गुरु घर में आकर माफी मांगेंगे और उन पर लगाई जाने वाली ‘सेवा’ पूरी करेंगे, तब उन्हें माफ कर दिया जाएगा।