गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में की गई पत्थरबाजी से गुरुद्वारा साहिब की बेअदबी की जांच के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का चार सदस्यीय वफद पाकिस्तान जाएगा। इस वफद की अगुवाई एसजीपीसी के सीनियर उपाध्यक्ष भाई रजिंदर सिंह मेहता करेंगे। एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह, मैनेजर सुरजीत सिंह और राजिंदर रूबी भी इस वफद में शामिल होंगे।
एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि यह वफद गुरुद्वार श्री ननकाना साहिब जाकर वहां के प्रशासन और पाकिस्तान पंजाब के गवर्नर चौधरी मोहम्मद सरवर के साथ-साथ अन्य उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर सिखों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में बातचीत करेंगे।
जत्थेदार श्री अकाल तख्त ने घटना की निंदा
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि एक परिवार द्वारा गुमराह कर लोगों को इकट्ठा कर गुरुद्वारा साहिब पर हमला करवाया गया। गुरुद्वारा साहिब के भीतर पत्थरबाजी की गई। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक सिख लड़की का धर्म परिवर्तन करना ही गलत है।
किसी को जबरन धर्म से बेमुख करना नैतिक तौर पर गिरा हुआ कदम है। वहीं इस मामले को लेकर गुरुद्वारा साहिब को निशाना बनाना और भी निंदनीय है। पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारा साहिब की बेअदबी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि जहां पाकिस्तान में गुरुद्वारा साहिब में पत्थरबाजी की गई है, वही मध्य प्रदेश में सिखों को उजाड़ा जा रहा है।
सिखों को धमकियां दी जा रही है। सिख एक मंच पर इकट्ठे होकर इस बारे में सोचे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ से बातचीत कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कहें। किसी भी सरकार ने सिखों की सुरक्षा नहीं करनी, सिखों को अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ती है। छोटे-छोटे विरोध भूलकर सिख श्री अकाल तख्त साहिब के प्लेटफार्म में एकजुट हों।