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आंदोलन में जान गंवाने वाले सात किसानों के परिजनों को एसजीपीसी देगी एक-एक लाख रुपये की सहायता

Fri, 04 Dec 2020 07:33 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
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एसजीपीसी की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कृषि कानून के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान मौत का शिकार हुए सात किसानों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है। एसजीपीसी किसान आंदोलन में सहयोग कर रही महिलाओं के लिए मोबाइल, शौचालय और स्नानघर की व्यवस्था भी करेगी। 

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एसजीपीसी महिलाओं को यह सुविधा देने के लिए धरनास्थलों पर विशेष बसें भेजेगी। हर बस में 14 शौचालय और बाथरूम होंगे। इसके अलावा एसजीपीसी के संचालित सभी गुरुद्वारों में सात दिसंबर को किसान आंदोलन की सफलता की अरदास की जाएगी। यह अरदास समारोह सुबह आठ बजे से नौ बजे तक होगी। 


दुनियाभर के सिख इस अरदास में शामिल होकर किसानों के साथ एकजुटता का संदेश देंगे। एसजीपीसी की अध्यक्ष ने भारत सरकार से अपील की है कि किसानों की मांगें तुरंत स्वीकार करें, ताकि जानलेवा कंपकंपाती ठंड में वह अपने घरों को लौटे सकें। इस बैठक में बॉलीवुड स्टार कंगना रणौत की टिप्पणी निंदा भी की गई।

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बीबी जागीर कौर ने कहा कि एसजीपीसी में कार्यरत छह हजार से अधिक कर्मचारियों व अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना होगा। इसके लिए एक ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। अधिकारियों व कर्मचारियों का ड्रेस कोड अलग-अलग होगा। इसके अनुसार अधिकारी व कर्मचारी क्या पहनेंगे, इस बारे में जल्द जानकारी दे दी जाएगी।

बीबी जागीर कौर ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता पवन स्वरूप के मामले के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा कमेटी के गठन की घोषणा की है। शताब्दी समारोह के आयोजन के लिए सिख विद्वानों व बुद्धिजीवियों पर आधारित कमेटी के गठन की भी घोषणा की गई। यह कमेटी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व, गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के संघर्ष की शताब्दी व एसजीपीसी के वर्ष भर चलने वाले शताब्दी समारोहों के आयोजन में भूमिका निभाएगी।        

सम्मान में नहीं मिलेगा दोशाला, सिरोपा होगा बक्शीश  
एसजीपीसी की कार्यकारिणी में गुरुद्वारा साहिबान में नतमस्तक होने आने वाले गणमान्य व्यक्तियों का दोशाले के साथ सम्मान नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए केवल सिरोपा की बक्शीश की जाएगी। एसजीपीसी के अधिकारियों व कर्मचारियों को तरक्की देने के लिए एक रिव्यू कमेटी के गठन की घोषणा की गई। 

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन के दौरान मर्यादाओं, पब्लिकेशन विभाग की कारगुजारी व वर्तमान हालात की समीक्षा के लिए गठित कमेटी काम करेगी। इस बैठक में राजस्थान के एक गांव में सिखों पर दर्ज हुए मामलों की निंदा की गई। सरकार से मांग की गई कि सिखों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं। एसजीपीसी इन सिखों को कानूनी सहायता देगी।
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