एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी।
- फोटो : फाइल
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कुछ दिन से पंजाब में सिख युवकों के खिलाफ पुलिस की ज्यादती की कड़ी निंदा की है। धामी ने कहा कि पंजाब में जानबूझकर निर्दोष सिख युवकों को निशाना बनाना सही नहीं है। बिना किसी आरोप के मनगढ़ंत कहानियां बनाकर युवकों को गिरफ्तार करना राज्य के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने कई युग देखे हैं और यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य की वर्तमान सरकार ने स्थिति में एक और अध्याय जोड़ दिया है।
शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब के सिख युवाओं ने न केवल राज्य, बल्कि देश और दुनिया की प्रगति में बहुत योगदान दिया है लेकिन दुख की बात है कि समय-समय पर सिख युवकों को शक की निगाह से देखा जाता है। पंजाब की वर्तमान सरकार भी ऐसी ही गलती कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी की कोई गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार किसी भी घटना की आड़ में प्रदेश में भय का माहौल न पैदा करे। उन्होंने कहा कि सिख युवकों में पैदा हो रही चेतना सरकार और पुलिस की ओर से अपराध के रूप में पेश करना सरकार की बड़ी भूल होगी।
धामी ने कहा कि अगर सरकार ईमानदार और गंभीर है तो उसे पंजाब के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग उचित नहीं है।
अमृतपाल की घेराबंदी वापस ले सरकार: बाबा धुम्मा
दमदमी टकसाल के प्रधान और संत समाज के अध्यक्ष बाबा हरनाम सिंह धुम्मा ने वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह और अन्य सिख युवकों की गिरफ्तारी और पुलिस छापेमारी की निंदा की। धुम्मा ने कहा कि सरकार को अमृतपाल के खिलाफ की जा रही कार्रवाई तत्काल बंद कर देना चाहिए। उन्होंने गिरफ्तार सभी लोगों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। दमदमी टकसाल के प्रमुख ने कहा कि अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी हुई है या नहीं इस पर पंजाब सरकार की चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है। उन्होंने सीएम भगवंत मान से सभी पंजाबियों को सच्चाई से अवगत कराने की अपील की और कहा कि अमृतपाल सिंह व अन्य युवाओं को तुरंत सिख समुदाय को सौंप दें।