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मैं बादलों के लिफाफे से निकला प्रधान नहीं हूं: प्रो. बडूंगर

Tue, 24 Oct 2017 06:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब(पंजाब)
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एसजीपीसी प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर - फोटो : File Photo
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष पद को लेकर नवंबर में होने वाले चुनाव को लेकर तीन नामों की चर्चा जोरों पर है। इसमें बीबी जगीर कौर, सेवा सिंह सेखवां और अमरजीत सिंह चावला के नाम शामिल हैं।
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वहीं इस बारे में एसजीपीसी अध्यक्ष प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर ने कहा कि 2016 में एसजीपीसी के 55 लाख वोटरों से चुने गए 185 एसजीपीसी सदस्यों ने उन्हें प्रधानगी के लिए चुना था। वह बादलों के लिफाफे से निकले हुए प्रधान नहीं हैं। अगर उनके लिफाफे से निकले होते तो उनकी जगह कोई और होता। 

बडूंगर ने कहा कि 6 नवंबर को इस बारे में शिरोमणि कमेटी की अंतरिम कमेटी की बैठक तेजा सिंह समुंदरी हाल अमृतसर में बुलाई गई है चुनाव से पहले 21 दिन का नोटिस आ जाएगा। वही मंगलवार को दिल्ली में श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाशोत्सव पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थानीय शाखा राष्ट्रीय सिख संगत के सहयोग से करवाए जाए रहे समारोह पर बडूंगर ने कहा कि एसजीपीसी श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा 2004 में जारी फरमान पर ही अटल है। इसमें अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा आरएसएस के किसी भी कार्यक्रम का बायकाट करने का आदेश दिया गया था। हर सिख के लिए अकाल तख्त साहिब का हुक्म इलाही है।
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अवतार सिंह रया पर फैसला 6 को 

एसजीपीसी के अध्यक्ष प्रो. किरपाल सिंह बडूगर - फोटो : File Photo
अवतार सिंह रया पर फैसला 6 को 
गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब में तैनात एक सेवादार कर्मजीत सिंह बंटी ने 11 अक्तूबर को अमृतसर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी मौत का जिम्मेदार हलका बस्सी पठाना से एसजीपीसी सदस्य अवतार सिंह रया को बताया था।

घटना के बाद एसजीपीसी अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया था। इस पर प्रो. सिंह ने कहा कि रया मामले में फैसला भी अंतरिम कमेटी छह नवंबर को देगी। किसी भी अध्यक्ष के पास किसी सदस्य को पद से निकालने का अधिकार नहीं होता।  
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