अमृतसर। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजीठा की अनाज मंडी ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का नींव पत्थर रखते हुए पंजाब में डर, जबरन वसूली और अकालियों की दादागिरी के दौर के अंत का एलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग विकास, जवाबदेही और आम भलाई पर केंद्रित शासन मॉडल को अपनाकर डराने-धमकाने की राजनीति को पूरी तरह खारिज कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अकाली दल की सत्ता में वापसी राज्य को अंधेरे युग में लौटाने के बराबर होगी। इसका मतलब होगा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी, बेगुनाह प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग और आम लोगों पर अत्याचार। उन्होंने एसजीपीसी प्रमुख पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद को गुरु गोबिंद सिंह जी का सिपाही नहीं बल्कि सुखबीर बादल का सिपाही मानते हैं। मान ने बताया कि अकालियों और एसजीपीसी की कई गलत हरकतों के कारण सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की 328 गायब कॉपियों की जांच के लिए विशेष जांच टीम बनानी पड़ी। उनका साफ संदेश था कि धार्मिक संस्थाओं में राजनीतिक दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मजीठा क्षेत्र पहले आतंक का गढ़ था, अब कानून का राज
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजीठा क्षेत्र पहले डर और आतंक का गढ़ रहा है जहां झूठे केस आम लोगों के खिलाफ हथियार बन जाते थे। अब यहां कानून का राज है और उन्होंने छोटी राजनीति को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस मौके पर उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए आप उम्मीदवार तलवीर सिंह गिल की घोषणा की। मान ने कांग्रेस और अकालियों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने जनता का पैसा लूटा जबकि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली, सड़कें और प्रशासनिक सुधारों के जरिये विकास का नया अध्याय शुरू किया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से बढ़कर तख्त साहिब का सम्मान किया।