शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के नए प्रधान का चुनाव नवंबर की शुरुआत में होने की उम्मीद है। पंजाब सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर एसजीपीसी के जनरल हाउस की मीटिंग जल्द बुलाने की मांग की है।
बेअदबी के मामलों के बाद जहां सरकार की किरकिरी हुई है, वहीं एसजीपीसी की छवि को भी धक्का लगा है। इसलिए शिरोमणि अकाली दल चुनाव से पहले अपने पंथक वोट बैंक को पक्का करना चाहता है। इसी मकसद से एसजीपीसी के जनरल हाउस की पहली मीटिंग बुलाने को केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है। एसजीपीसी के चुनाव सितंबर-2011 में हुए थे। हालांकि सहजधारी सिखों को वोट को लेकर यह मामला अदालत में चला गया।
केंद्र सरकार द्वारा नए नियम बनाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर-2016 में केस खारिज कर दिया था। इसके बाद एसजीपीसी के नए पदाधिकारियों के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। पिछले दिनों एसजीपीसी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एसजीपीसी के जनरल हाउस को नोटीफाई किया जाए। साथ ही नियमानुसार डिप्टी कमिश्नर अमृतसर की निगरानी में हाउस की पहली मीटिंग बुलाने के आदेश दिए जाएं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वह पत्र पंजाब सरकार को टिप्पणी के लिए भेज दिया था। बुधवार को पंजाब के गृह विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है कि एसजीपीसी का जनरल हाउस नोटिफाई करके इसकी पहली मीटिंग बुलाने के आदेश दिए जाएं। पंजाब सरकार ने पांच नवंबर-2016 को मीटिंग बुलाने के लिए लिखा है। इसी मीटिंग में एसजीपीसी के नए प्रधान और अन्य पदाधिकारियों का चुनाव किया जाएगा। माना जा रहा है कि शिअद मौजूदा प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ की जगह किसी और को प्रधान बना सकता है। नए प्रधान को लेकर बुधवार को हुई पार्टी की कोर कमेटी से पहले सीएम और डिप्टी सीएम ने मंथन भी किया है।