2011 में गठित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की साधारण सभा की अवधि समाप्त हो गई है। ऐसे में अब जल्दी चुनाव हो सकते हैं। इस बात की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवोकेट एचएस फूलका द्वारा नौ अक्तूबर को लिखे एक पत्र के जवाब में दी है। फूलका ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने एसजीपीसी की अवधि दिसंबर 2016 को समाप्त होने की जानकारी दी थी। उन्होंने एसजीपीसी के नए जनरल हाउस का चुनाव करवाने को मांग भी की थी।
गृह मंत्रालय ने फूलका को भेजे पत्र में इस बात को स्वीकार कर लिया है कि एसजीपीसी के वर्तमान जनरल हाउस की अवधि 16 दिसंबर से समाप्त हो चुकी है। एसजीपीसी के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार ने चीफ कमिश्नर गुरुद्वारा इलेक्शन की नियुक्ति करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जजों का एक पैनल भेजने की मांग की है। गुरुद्वारा इलेक्शन कमिश्नर की नियुक्ति के बाद चुनावी हलचल शुरू हो जाएगी। संभावना है कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद एसजीपीसी चुनाव करवाए जा सकते हैं।
साढ़े चार साल के बाद हुई थी दूसरी बैठक
2011 में गठित एसजीपीसी का जनरल हाउस विवादों के घेरे में रहा है। सहजधारी वोट के मामले में जनरल हाउस की वैधता का मामला पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा। उसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। छह साल के बाद सहजधारी वोटों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया, जिसमें सहजधारियों के वोट देने पर पाबंदी लगा दी गई थी। 2011 से लेकर 2015 तक इस जनरल हाउस की किसी भी बैठक का आयोजन नहीं हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने एसजीपीसी के तत्कालीन प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ को दिन-प्रतिदिन का खर्च करने की अनुमति दे रखी थी। पांच दिसंबर 2016 को इस जनरल हाउस की दूसरी बैठक हुई थी जिसमें एसजीपीसी के अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ था। इससे पहले जनरल हाउस के चुनाव परिणाम आने के बाद जुलाई 2011 में इसकी पहली बैठक हुई थी। इस बैठक में प्रधान और अन्य पदाधिकारियों का चुनाव हुआ था। वही टीम चार नवंबर 2016 तक काम करती रही।
1978 के बाद कभी भी पांच साल के बाद चुनाव नहीं हुए
गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार जनरल हाउस का चुनाव हर पांच साल बाद करवाना जरूरी है, लेकिन यदि किसी कारण चुनाव न हो तो पुराना जनरल हाउस ही कामकाज करता रहता है। 1978 के बाद एसजीपीसी की साधारण सभा का चुनाव कभी पांच साल के बाद नहीं हुए। 1978 में चुनाव के बाद 1996 में चुनाव हुआ। इसके बाद 2004 में एसजीपीसी के जनरल हाउस का चुनाव हुआ था। सात साल बाद 2011 में चुनाव हुआ था। एसजीपीसी की साधारण सभा के 170 सदस्य पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल से चुने जाते हैं। चुनाव के बाद साधारण सभा देश भर से 15 सदस्यों को मनोनीत करती है।