पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित छात्र ने बताया कि वह हॉस्टल के कमरे में था। इसी बीच मंगलवार रात ग्यारह बजे हॉस्टल वार्डन उसके कमरे में आया और बहाना बनाकर उसे अपने रूम में ले गया। यहां आकर उसने छात्र से गंदी हरकतें करनी शुरू कर दीं। छात्र ने विरोध किया तो वार्डन ने धमकी दी कि यदि वह उसकी बात नहीं मानेगा तो नशे के झूठे केस में फंसवा देगा। वह डर गया। फिर भी उसने हिम्मत कर वार्डन को धक्का दिया और वहां से भाग गया।
अपने कमरे में पहुंचकर उसने अपने दोस्तों को यह बात बताई। गंदी हरकत का पता चलते ही छात्र भड़क गए। सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने कैंपस में हंगामा शुरू कर दिया। जमकर तोड़फोड़ की। पीड़ित छात्र ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुलाई और उन्हें अपनी शिकायत दी। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से छात्रों को समझाया। मगर छात्र समझने को तैयार नहीं थे। बाद में देर रात 2 बजे पुलिस ने वार्डन को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद हंगामा शांत हुआ। बुधवार सुबह पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वार्डन की गंदी हरकत से भड़के छात्रों को शांत करने में पुलिस और कॉलेज मैनेजमेंट के पसीने छूट गए। हंगामा कर रहे छात्र कैंपस में उत्पात मचा रहे थे। छात्रों के आक्रामक रुख को देख मैनेजमेंट की नींद उड़ गई। उन्होंने छात्रों को शांत करने के लिए वार्डन को सस्पेंड कर दिया। इसके बावजूद छात्र मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे छात्रों को संभाला।
मैनेजमेंट ने डिलीट कराए वीडियो
नाम न छापने की शर्त पर छात्रों ने बताया कि घटना के बाद मैनेजमेंट ने छात्रों के मोबाइल से हंगामे संबंधी वीडियो भी डिलीट करा दिए गए। इसे लेकर छात्रों में काफी रोष है।
थानेदार की सुनिए
सोहना थाने के एसएचओ तरलोचन सिंह का कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने एक्शन लिया है। आरोपी वार्डन के खिलाफ धारा 377, 511,342 व 506 के तहत केस दर्ज किया है। रात में कैंपस में स्थिति तनावपूर्ण थी लेकिन पुलिस ने हालात संभाल लिए।