चंडीगढ़। निगम की कवायद के बावजूद सुखना व एन चो में सीवर का पानी जा रहा है। सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से गठित जस्टिस प्रीतम पाल की कमेटी की बैठक में यह मुद्दा उठा। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि औचक निरीक्षण में यह खामियां मिली हैं। निगम अगले चार दिनों में निरीक्षण कर इन कमियों को दूर करेगा और कमेटी को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
बैठक में सीवर के मुद्दे को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान निगम के अधिकारियों ने बताया कि लगातार निरीक्षण कर सुखना व एन चो में जा रहे गंदे पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि उनकी एक टीम निरीक्षण करने गई। इस दौरान देखा कि सुखना चो में अभी भी गंदा पानी आ रहा है। इस पर कमेटी ने कहा कि निगम निरीक्षण कर इस पानी को रोके और अगले चार दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इन स्थानों से आ रहा गंदा पानी
रिपोर्ट के अनुसार सुखना चो में किशनगढ़, शास्त्री नगर, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के पास बनी गोशाला के साथ फॉरेस्ट एरिया से सीवर का पानी आ रहा था। रायपुरखुर्द एसटीपी के पास से ढाका कॉलोनी, रायपुरखुर्द से गंदा पानी आ रहा है। वहीं एन चो में सेक्टर-36 स्थित सीएफएसएल, सेक्टर-53 स्थित स्प्रिंग गार्डन के पास से गंदा पानी जा रहा है। इसके अलावा स्प्रिंग गार्डन के पास बनी आदर्श कॉलोनी से सीवर का पानी आ रहा है।
पांचों एसटीपी जल्द अपग्रेड करने के निर्देश
नगर निगम ने शहर में पांच एसटीपी डिग्गियां, रायपुरकलां, रायपुरखुर्द, धनास व 3 बीआरडी को अपग्रेड करने के लिए निविदा कर दी है। प्लांट से निकलने वाले पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 5 से कम करना होना है। कमेटी ने कहा कि जल्द से जल्द इन प्लांटों को अपग्रेड कराएं। इन प्लांटों को अपग्रेड काफी पहले करना था, लेकिन पहले हुई निविदाओं में कमियों के कारण इसे रद्द करना पड़ा था। इसके बाद कोर्ट में मामला जाने के कारण भी इनका काम लंबित हो गया था।
फाइटो रेमेडिएशन तकनीक से साफ करें चो का पानी
कमेटी के सदस्यों ने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द फाइटो रेमेडिएशन तकनीक शुरू करे। इस तकनीक में सुखना व एन चो बेड पर कुछ पौधे लगाए जाते हैं। इनसे होकर जाने वाले पानी में प्रदूषण की मात्रा कम होती है। कमेटी ने कहा कि इसके लिए पटियाला का भी निरीक्षण करें। जहां बेहतर तरीके से इस तकनीक का प्रयोग किया गया है।
दोनों चो में जल्द से जल्द लगाएं रियल टाइम मॉनिटरिंग डिवाइस
कमेटी ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सुखना व एन चो पर जल्द रियल टाइम मॉनिटरिंग डिवाइस लगाए जाएं। इससे पता चल सके कि चो में प्रदूषण की मात्रा कितनी है ताकि उसी के अनुसार आगे की रणनीति तैयार हो सके। अभी चो का पानी गंदा होने से घग्गर नदी भी प्रदूषित हो रही है। हमें हमारे जल स्रोतों को साफ रखना है तो आगे बढ़कर कुछ काम करने होंगे।
हाल ही में निगम ने काटे थे बड़े संस्थानों के सीवर कनेक्शन
सीवर का पानी सुखना व एन चो में जाने पर नगर निगम ने हाल ही में कुछ बड़े संस्थानों का सीवर कनेक्शन काटा था। इसमें होटल शिवालिक व्यू व एलआईसी कार्यालय शामिल है। अधिकारियों ने नोटिस जारी करते हुए दोनों संस्थानों से कनेक्शन ठीक कराने को कहा था। वहीं निगम ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर पंचकूला से आने वाला गंदा पानी रोकने को कहा था।