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पीजीआई के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के कई डॉक्टर सम्मानित

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चंडीगढ़। पीजीआई में आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के डायमंड जुबली वर्ष समारोह में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने कई पुरस्कार प्राप्त किए। पीजीआई देश का ऐसा पहला चिकित्सा संस्थान है, जहां पर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में डीएम कोर्स शुरू किया गया।
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इस मौके पर विभाग के पूर्व एचओडी प्रो. करतार सिंह को गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में शिक्षा में बेहतर योगदान के लिए एफपी एंटिया लाइफ टाइम अवॉर्ड दिया गया। विभाग के पूर्व प्रमुख प्रो. राकेश कोछड़ को उनके 20 बेहतरीन शोध पत्र के लिए आईएसजी जाइडस ओरेशन अवार्ड दिया गया। साथ ही प्रो. कोछड़ को सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के अध्यक्ष की बागडोर सौंपी गई।
विभाग की वर्तमान प्रमुख प्रो. ऊषा दत्ता को गॉल ब्लेडर के कैंसर और पथरी के इलाज में बेहतर काम और शोध के लिए प्रो. सीएम हबीबुल्लाह अवॉर्ड दिया गया। इस अवसर पर प्रो. ऊषा दत्ता ने गॉल ब्लेडर की पथरी से कैंसर कैसे बनता है और इसे बढ़ने से कैसे रोका जा सकता है, इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। एसोसिएट प्रो. विशाल शर्मा को उनके सबसे ज्यादा प्रकाशन और शोध के लिए डॉक्टर एसआर नाइक मेमोरियल अवॉर्ड दिया गया। असिस्टेंट प्रो. गौरव मुक्तेश को इंडोस्कोपी वीडियो डायग्नोसिस में सराहनीय काम के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया। डॉ. अनुराग जैना को अल्सरेटिव कोलाइटिस में उनके शोध पत्र के लिए यंग इंवेस्टिगेशन में द्वितीय पुरस्कार दिया गया। डॉ. नरेंद्र ग्रोवर को इंफ्रामेंट्री बाउल डिजीज (आइबीडी) में दवाइयों के नुकसान का पहले से पता लगाने संबंधित की गई जेनेटिक शोध के लिए प्री पेपर द्वितीय पुरस्कार दिया गया।
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