नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपहरण करने और पास्को एक्ट की धाराओं के तहत बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने सेक्टर-25 निवासी विकास को सात साल की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
मामले के अनुसार सेक्टर-14 पीयू निवासी ने 29 नवंबर 2012 को शिकायत दी कि सेक्टर-25 निवासी विकास ने उसकी 14 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पुलिस को किशोरी एक दिसंबर 2012 को नानी के घर से मिली।
पुलिस ने जब किशोरी का मेडिकल करवाया तो दुराचार की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने चार दिसंबर 2012 को आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में मेडिकल रिपोर्ट में 14 वर्षीय किशोरी तीन महीने की गर्भवती पाई गई थी। इस आधार पर अदालत ने विकास को दोषी पाते हुए फैसला सुनाया।