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दो अक्टूबर को चंडीगढ़ जेल से रिहा होंगे सात कैदी

Tue, 01 Oct 2019 04:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
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chandigarh jail - फोटो : अमर उजाला
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गांधी जी की 150वीं जयंती पर 2 अक्तूबर को चंडीगढ़ जेल से सात कैदियों को रिहा किया जाएगा। इस दौरान सभी कैदियों को गांधी जी से जुड़ी एक स्मृति चिह्न भी भेंट की जाएगी। बता दें कि पिछले वर्ष गांधी जयंती पर 3 और 27 मई 2019 को एक कैदी को रिहा किया जा चुका है। 

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हालांकि पंजाब सरकार ने भी श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में 550 कैदियों को रिहा करने का एलान किया था।

जेल के अधिकारियों ने बताया कि गांधी जी के 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देशभर की जेलों में बंद कैदियों में से कुछ चुनिंदा कैदियों को छोड़ा जाना था। इसके लिए तीन बार में कैदियों को रिहा करने की योजना थी। 

पिछले साल 5 अक्तूबर को 3 कैदी चंडीगढ़ जेल से रिहा किए गए थे। उसके बाद गांधी जी की दांडी यात्रा के उपलक्ष्य में 6 अप्रैल 2019 को कैदी छोड़े जाने थे, लेकिन चुनाव आचार संहिता के कारण 27 मई 2019 को एक कैदी को रिहा किया गया था। 
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अब तीसरी किस्त में सात कैदियों को रिहा किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि हाईकमान से मिले निर्देशों के अनुसार, ऐसे कैदी जिनकी सजा पूरी होने वाली हो या जो वृद्ध हो चुके हैं, उन्हीं को रिहा किया जाना है। 

इस बार ऐसे आठ कैदियों को चुना गया था, जिन्हें रिहा किया जाना था, लेकिन एक कैदी को दूसरे केस में फिर से सजा मिल गई इसलिए सात कैदियों को ही रिहा किया जाएगा। कैदियों को रिहा करने के साथ ही उन्हें आगे का जीवन बेहतर तरीके से बिताने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसलिए प्रशासन ने तय किया है कि रिहा होने वाले कैदियों को गांधी जी से जुड़ा स्मृति चिह्न सौंपा जाएगा। 

गांधी जी के सिद्धांतों पर किया जाएगा नाट्य मंचन
जेल के अधिकारियों ने बताया कि कुछ कैदी थियेटर के कलाकार भी हैं। उन्होंने गांधी जी की जीवनी पर एक नाटक तैयार किया है। कार्यक्रम में नाटक का मंचन भी किया जाएगा, जिसमें गांधी जी के सिद्धांतों को बारे में बताया जाएगा।इसमें कैदी कलाकार अपने मंचन से स्वच्छता अभियान और जल संरक्षण का संदेश देंगे। साथ ही बताएंगे कि किस तरह से गंदगी से गांधी जी स्वच्छता के पैरोकार थे। वहीं पानी की कमी हमें किस तरफ धकेल रही है, इसका भी मंचन करेंगे। नाटक में ही प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत की अपील और जल बचाओ के नारे को भी कैदी बुलंद करेंगे।

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