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गवर्नमेंट प्रिंटिंग प्रेस बंद, कर्मचारियों को अभी तक नहीं किया ट्रांसफर

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चंडीगढ़। सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रिंटिंग प्रेस हमेशा के लिए बंद हो गया है, लेकिन अभी तक यहां काम कर रहे 300 कर्मचारियों को शिफ्ट नहीं किया गया है। मंगलवार को वह दफ्तर आकर क्या करेंगे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। सोमवार को पूरे दिन ट्रांसफर के आदेशों का इंतजार होता रहा, लेकिन देर रात तक कोई आदेश नहीं आए, जिसके बाद सभी कर्मचारी चिंतित है।
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गवर्नमेंट प्रिंटिंग प्रेस में 265 रेगुलर कर्मी हैं और 35 कांट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं। कुल स्टॉफ के 80 प्रतिशत कर्मचारी 55 साल से ज्यादा उम्र के हैं। कई तो ऐसे हैं तो अगले महीने या फिर जनवरी तक रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में सर्विस के बचे कुछ महीने कहां और किस विभाग में गुजरेंगे, सोमवार को पूरे दिन प्रेस में यही चर्चा होती रही। कर्मचारी अभी भी इस असमंजस की स्थिति में हैं कि उन्हें क्या करना है। प्रेस के एक कर्मचारी ने बताया कि मंगलवार को सभी को दफ्तर बुलाया गया है, लेकिन मशीनें नहीं चलेंगी न ही प्रेस में कोई काम होगा। किस कर्मी को कहां शिफ्ट किया जाएगा, इसको लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है। प्रशासन के इस रवैये से सभी कर्मचारी काफी परेशान हैं। गौरतलब है कि 30 सितंबर को प्रेस को पूरी तरह से बंद करने के आदेश दिए गए थे। प्रशासन के अधिकारियों ने कहा था कि प्रेस के बंद होने से पहले सभी कर्मचारियों को अन्य विभागों में शिफ्ट कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक किसी को शिफ्ट नहीं किया गया है।
ट्रेनिंग कर रहे 24 छात्रों का भविष्य भी खतरे में, कांट्रैक्ट कर्मी भी परेशान
गवर्नमेंट प्रेस में करीब 24 छात्र ट्रेनिंग कर रहे हैं, जिनकी 2 साल की ट्रेनिंग 12 अक्तूबर को खत्म होगी। प्रेस को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में उनकी ट्रेनिंग का क्या होगा, इसको लेकर भी सभी चिंतित हैं। स्टेट अपरेंटिस बोर्ड इन छात्रों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद सर्टिफिकेट जारी करता है। इनकी लिखित परीक्षा सेक्टर-28 का आईटीआई लेता है, जबकि प्रैक्टिकल परीक्षा गवर्नमेंट प्रेस में होती है। प्रेस के बंद होने के बाद यह छात्र भी परेशान हैं। इसके अलावा प्रेस में काम कर रहे 35 कांट्रैक्ट कर्मियों का क्या होगा, इस पर भी सभी चुप्पी साधे हुए हैं।
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गवर्नमेंट प्रेस में ये ऑर्डर अभी भी पेंडिंग
प्रेस के पास जीएमएसएच-16 के 65 लाख ओपीडी कार्ड, जीएमसीएच-32, बीबीएमबी, चंडीगढ़ पुलिस के चालान बुक, रॉक गार्डन की टिकट, स्कूलों के रिपोर्ट कार्ड और आंसर शीट आदि के काम पेंडिंग है। इसके अलावा करोड़ों का काम प्रिंट होने के बाद बाइंडिंग में है। प्रशासन ने प्रेस को तो बंद कर दिया है, लेकिन पेंडिंग कामों का क्या होगा, इसे लेकर अभी तक कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि अगर प्रशासन को प्रेस बंद ही करना था तो इसकी तैयारी पहले से करनी चाहिए थी।
करोड़ों का फ्रेश कागज, वर्किंग मशीनों की होगी नीलामी
अचानक बंद करने के फैसले से सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। सितंबर महीने में फ्रेश कागज के 15 ट्रक आए हैं। कई मशीनें हाल ही में खरीदी गई हैं, जो करोड़ों की हैं। प्रशासन अब यह सभी कागज और मशीनें कबाड़ के भाव में बेचने की तैयारी में है।
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---वर्जन---
गवर्नमेंट प्रिंटिंग प्रेस 30 से बंद करने के प्रशासन ने ऑर्डर दिए हैं। कर्मचारियों को दो दिन के अंदर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसे लेकर काम चल रहा है।
- जगजीत सिंह, कंट्रोलर, गवर्नमेंट प्रेस-18
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