करीब एक माह पहले भी उनके बीच मारपीट हुई थी, जिसमें वीरेंद्र के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। उस पर मारपीट के कई अन्य मामले भी दर्ज थे। शुक्रवार यानि 24 जुलाई सुबह वह रोहतक कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आया था।
इसी दौरान कैंटीन के पास कई नकाबपोश आए, जिन्होंने सरेआम उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और गेट नंबर दो की तरफ खड़ी गाड़ी में डालकर ले गए। पुलिस भी उसकी तलाश में लगी हुई थी। दोपहर के समय वीरेंद्र का शव टिटौली रोड पर पड़ा मिला था।
- वीआईपी एरिया से पुलिस सुरक्षा मजबूत होने के बावजूद कैसे हुआ वीरेंद्र का अपहरण, मौके पर कौन-कौन थे पुलिसकर्मी आदि समेत कई बिंदुओं की एसपी ने खोली थी जांच
- डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा को सौंपी थी जांच, जांच रिपोर्ट जल्द पेश करने के दिए थे निर्देश।
एसपी ने विभिन्न बिंदुओं पर जांच खोली थी। जिनमें मुख्यतः वीआईपी एरिया से पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के बावजूद वीरेंद्र का कैसे हुआ, अपहरण क्षेत्र में कौन-कौन पुलिसकर्मी था ड्यूटी में आदि समेत कई बिंदुओं की जांच डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा को सौंपी थी। एसपी राहुल शर्मा ने डीएसपी को जल्द से जल्द सभी बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे
- इन मुख्य बिंदुओं की खोली थी जांच:
- कोर्ट परिसर से कैसे हुआ अपहरण
- मौके पर कौन कौन था पुलिस कर्मी ड्यूटी पर
- किन-किन पुलिसकर्मियों की रही लापरवाही
- वीटी होने के बाद कहां-कहां की गई नाकाबंदी
- अपहरण स्थल से करीब 8 किलोमीटर दूर वीरेंद्र का शव मिला, इन आठ किलोमीटर के दायरे में क्या कर रही थी पुलिस