चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 के अग्निशमन विभाग में ठेके पर काम करने वाले सात कर्मचारियों को रुका हुआ चार माह का वेतन मांगने पर नौकरी से निकाल दिया गया। कर्मचारियों की शिकायत पर चंडीगढ़ प्रशासक ने पूरे मामले की जानकारी लेकर एडवाइजर मनोज परिदा को कार्रवाई करने को कहा है।
बता दें कि जीएमसीएच-32 के अग्निशमन विभाग में दो पंप ऑपरेटर और चार फायरमैन को आउटसोर्स के माध्यम से रखा गया था। एक सप्ताह पूर्व कर्मचारियों ने रुके हुए चार माह के वेतन को लेकर उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई थी। इससे नाराज होकर अधिकारियों ने 15 जून को कर्मचारियों को नौकरी पर आने के लिए मना कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने चंडीगढ़ प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ ही अन्य अधिकारियों से गुहार लगाई। इस पर प्रशासक ने शीघ्र कार्रवाई करते हुए एडवाइजर मनोज परिदा को मामले की जांच करवाने के निर्देश जारी कर दिए।
कर्मचारियों को रिप्लेस नहीं करने की उठाई थी मांग
कजेड़ी गांव निवासी शिकायतकर्ता विक्रम ने बताया कि शिकायत से पूर्व इंजीनियरिंग विभाग के मुख्य अभियंता से उन्होंने कर्मचारियों को रिप्लेस नहीं किए जाने की मांग की थी। मांग पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर मजबूरी में चंडीगढ़ प्रशासक को शिकायत की। शिकायतकर्ता विक्रम एक समाजसेवी हैं।
---------
कोट
कर्मचारियों को आउटसोर्स से रखा गया था। लॉक डाउन के दौरान ठेकेदार का कार्यकाल तीन महीने बढ़ा दिया गया था। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद जब विभाग को पता चला कि ठेकेदार ने कर्मचारियों की चार महीने से सैलरी नहीं दी है तो ठेकेदार का टेंडर टर्मिनेट कर दिया गया। साथ ही नए ठेकेदार को काम आवंटित कर दिया गया। नए ठेकेदार के द्वारा कर्मचारियों को बाहर किया गया है। विभाग का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है।
-सुखदेव, जूनियर इंजीनियर, अग्निशमन विभाग, जीएमसीएच-32