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चंडीगढ़ में खाकी पर आरोप: बीट बाॅक्स में लाकर टैक्सी चालक को पीटा, आरोप-वर्दी वालों ने पीटा; पुलिस का इनकार

Mon, 21 Jul 2025 01:31 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

16 जुलाई को टैक्सी चालक मजीत अपने चाचा के बेटे के साथ कार में खाना खा रहा था। पुलिस की वर्दी में आए लोग उसे पास के बीट बाॅक्स में ले गए और वहां उसकी पिटाई की। 
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अपने दोस्त के साथ कार में बैठा पीड़ित और थाने में पुलिसकर्मियों से बात करता - फोटो : संवाद
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विस्तार
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खुड्डा लाहौरा के एक बीट बॉक्स में टैक्सी चालक की पिटाई और उसके दोस्त के गूगल पे से 500 रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। टैक्सी चालक मंजीत का आरोप है कि उसकी पिटाई करने वाले पुलिस की वर्दी में थे। उधर, सारंगपुर थाने और एसएसपी विंडो पर शिकायत करने पर पुलिस पिटाई करने वालों को नकली पुलिस बताकर पल्ला झाड़ रही है।
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बीते 16 जुलाई की रात लगभग 11 बजे मंजीत अपने चाचा के बेटे सुमित कुमार के साथ गुरुद्वारे के पास अपनी कार में खाना खा रहा था। इसी बीच पुलिस की वर्दी में दो लोग पहुंचे और उन पर शराब पीने का आरोप लगाने लगे। इसके बाद उनकी गाड़ी को खुद चलाते हुए दोनों को खुड्डा लाहौरा के बीट बॉक्स पर ले गए। मंजीत के अनुसार वहां अंधेरे में उसके साथ मारपीट की गई और छोड़ने के बदले दो हजार रुपये मांगे। इस दौरान उन दोनों के पास केवल 500 रुपये ही थे, जिसे सुमित के मोबाइल से गूगल पे के जरिये ट्रांसफर करवा लिया गया। मंजीत का आरोप है कि मारपीट में उसकी पगड़ी भी उतार दी।

थाने में पुलिस का अजीबोगरीब रवैया

रात 12 बजे जब मंजीत सारंगपुर थाने पहुंचा तो ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी समेत अन्य मुलाजिमों ने कहा कि वे नकली पुलिस वाले होंगे। जब मंजीत ने बताया कि घटना बीट बॉक्स के अंदर हुई है तो पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया कि बीट बॉक्स की चाबी तो वहीं पास में पड़ी रहती है, किसी ने नकली चाबी बनवा ली होगी।

कई सवाल  

  • अगर वे असली पुलिस वाले थे तो मंजीत का मेडिकल क्यों नहीं करवाया गया?
  • अगर वे नकली थे, तो बीट बॉक्स की चाबी उनके पास कैसे आई?
  • जिस स्कैनर पर 500 रुपये ट्रांसफर हुए, वह किसका था? पीड़ित ने बताया कि स्कैनर पर बीरेंद्र राणा नाम लिखा हुआ था।
  • क्या बीट बॉक्स अब सुरक्षित चौकी नहीं, बल्कि वसूली का अड्डा बन गए हैं?
  • पुलिस की नाक के नीचे वसूली कौन कर रहा है? क्या पुलिस की वर्दी में घूमने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी?

असली होते तो सीधे थाने आते

मंजीत का आरोप है कि पुलिसकर्मी मामले को गंभीरता से लेने के बजाय हंसी-मजाक करते रहे। उसने थाने में मौजूद रजिस्टर देखने और बीट बॉक्स की जांच करने की मांग भी की। सारंगपुर थाना प्रभारी मिनी भारद्वाज का कहना है कि उनके पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने के बाद ही वे इस मामले में कुछ कह सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीट बॉक्स में पिटाई करने वाले असली मुलाजिम होते तो सीधा थाने लेकर आते। आरोप है कि पुलिस मुलाजिमों ने कहा कि जैसे चोर मास्टर की से स्कूटर चोरी कर लेते हैं, वैसे ही बीट बॉक्स की चाबी बनवा ली होगी।
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पहले भी उजागर हो चुकी है बीट बॉक्स की हकीकत

यह पहली बार नहीं है जब बीट बॉक्स की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। कुछ समय पहले अमर उजाला ने शहर के अलग-अलग बीट बॉक्स में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी पर पड़ताल की तो 90 प्रतिशत बीट बॉक्स खाली मिले थे। कई बीट बॉक्स पर दिए गए मोबाइल नंबरों पर कॉल करने पर किसी ने भी जवाब नहीं दिया था और कुछ बीट बॉक्स पर तो बीट इंचार्ज के नंबर ही गलत छपे हुए थे।
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