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हिसारः केस नंबर 430 में भी रामपाल को सुनाई गई उम्रकैद की सजा, महिला की हुई थी हत्या

Wed, 17 Oct 2018 12:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
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रामपाल - फोटो : फाइल फोटो
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सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को केस नंबर 430 में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह केस एक महिला की हत्या से जुड़ा है। मामले में भी आईपीसी की 302, 120 बी व 343 के तहत केस चला था। इस मामले में रामपाल व उसके बेटे विजेंद्र उर्फ विरेंद्र सहित 14 लोगों को 11 अक्तूबर को दोषी करार दिया गया था, इनमें एक महिला भी शामिल है।
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रामपाल के दोनों केसों में कुल 70 गवाह पेश हुए
एडवोकेट राजीव सरदाना ने बताया कि रामपाल के दोनों मामलों केस नंबर-429 व 430 में कुल 70 गवाह पेश किए गए। केस नंबर 429 में 45 गवाह पेश किए गए, जबकि 430 नंबर केस में 25 गवाह पेश हुए थे। इनमें से अधिकतर गवाह पुलिस अधिकारी और डॉक्टर थे, जो मौके पर मौजूद थे। मामले में एफआईआर दर्ज करवाने वाले छह गवाहों ने बयान बदल दिए थे।

केस नंबर 430 में ये हैं 14 दोषी
यूपी के बिजनौर की 25 वर्षीय रजनी की हत्या के मामले में केस नंबर 430 दर्ज किया गया था। इसमें 14 आरोपी हैं। इस मामले में मुख्य आरोपियों आश्रम संचालक सोनीपत के गांव धनाना निवासी रामपाल, उसका बेटा विरेंद्र उर्फ विजेंद्र, हिसार के गांव उगालन निवासी जोगेंद्र उर्फ बिल्लू, भिवानी के इमलौटा गांव निवासी राजकपूर उर्फ प्रीतम, सोनीपत के गांव बढ़गांव निवासी राजेंद्र व बरवाला की बबीता के अलावा झज्जर निवासी कृष्ण कुमार, हिमाचल के किन्नौर निवासी बलवान व पवन, सोलन निवासी राजीव शर्मा, राजस्थान के समरपुर पाली निवासी राजेश व रमेश, राजस्थान के उदयपुर वासी नटवर लाल उर्फ लक्ष्मण, कुरुक्षेत्र निवासी रामचंद्र शामिल हैं, जिन्हें अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया है।
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केस नंबर 429 में हुई थी ये सजा

rampal
इससे पहले मंगलवार 16 अक्तूबर को बरवाला के सतलोक आश्रम में साल 2014 में हुई एक बच्चे और चार महिलाओं की हत्या में दोषी आश्रम संचालक रामपाल और उसके बेटे विजेंद्र उर्फ विरेंद्र सहित सभी 15 दोषियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने सभी दोषियों पर तीन धाराओं में 2.5-2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अब दोनों केसों में हुई सजा साथ-साथ चलेंगी।

रामपाल पर देशद्रोह सहित छह मामलों में अभी आना है फैसला
रामपाल व अन्य आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, हत्या के दो मामले समेत छह केस दर्ज किए गए थे। सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने के आरोप में रामपाल बरी हो चुका है। देशद्रोह के मामले में कुल 937 आरोपी हैं, जिस पर सुनवाई चल रही है। देशद्रोह का केस नंबर-428 है, जिसकी सुनवाई सीजेएम की कोर्ट में चल रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 अक्तूबर को होनी है। इसके अलावा रामपाल पर क्षमता से ज्यादा गैस सिलिंडर भंडारण का केस लंबित है, जो हिसार कोर्ट में चल रहा है। दूसरी ओर रोहतक में करौंथा आश्रम मामले में एक केस रोहतक कोर्ट में चल रहा है।
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