दीपावली की रात आतिशबाजी के जोश में होश गंवाने वाले 38 लोग झुलस गए। इनमें तीन लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनमें एक दंपति भी शामिल है।
डाक्टरों के मुताबिक, जनरल अस्पताल से दो लोगों को चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। पिछले साल दीपावली की रात 23 झुलसे लोग जनरल अस्पताल पहुंचे थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा 38 को छू गया।
शाम ढलते ही पूरे शहर में आतिशबाजी का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। अस्पताल में शुरू में तो झुलसने के मामूली केस आए, लेकिन रात के 8 बजते ही इन मरीजों की संख्या ज्यादा होने लगी। अस्पताल के आपातकालीन विभाग में मरीजों का तांता लगा था।
जनरल अस्पताल में आए 38 केसों में सात केस आंखों की इंजरी के थे, जबकि बाकी हाथ और पैर झुलसने के थे। पटाखों से झुलसने वाले बच्चों में मनोज, पिंकी, मनीष, अंकित, रण, राजू, शिवानी, रजत, अरुणा, अमित, राजू, मनोज और रामू शामिल हैं, जबकि कई युवा भी झुलसने के बाद अस्पताल पहुंचे।
दूसरों की गलती से बड़ी ‘पेनल्टी’
सकेतड़ी गांव का रामू रात 10 बजे अपने घर के बाहर खाना खाने के बाद बैठा था। तभी ऊपर से पटाखे की चिंगारी गिरी, जिससे जमीन पर पहले से पड़े पटाखे भी जलने लगे और इससे भड़की चिंगारियां रामू के कपड़ों में जा लगी। जब तक रामू उठ खड़ा होता, आग सीने तक पहुंच चुकी थी।
इससे रामू के शरीर का 50 प्रतिशत जल गया। उसे अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सोमवार को स्थिति गंभीर होने के कारण उसे जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
सिलेंडर में दीपक से लगी आग, दंपति झुलसा
पीरमुछल्ला निवासी प्रमोद कुमार और उनकी पत्नी उमा देवी दीपावली की रात ही गैस सिलेंडर में अचानक दीये से आग लगने के कारण झुलस गए। प्रमोद ने बताया कि गैस समाप्त होने के बाद उमा ने सिलेंडर को किसी तरह पलट कर खाना बनाया और गैस को वैसे ही छोड़ दिया।
गैस सिलेंडर उल्टा होने के कारण गैस लीक करने लगी और जैसे ही उमा रसोई में दीपक जलाने लगी, आग लग गई। उसे बचाने दौड़े, जिसमें वह भी झुलस गया।
इस हादसे में दोनों के हाथ और पैर गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं, पीरमुछल्ला में हुए एक अन्य हादसे में पति-पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए।
अन्य घटनाओं पर एक नजर
- खड़क मंगोली में ट्रक मैकेनिक की दुकान में आग लगी।
- सेक्टर 15 में घर के बाहर खड़ी एक कार में आग लग गई, जिससे कार का बंपर और शीशे टूट गए।
- सेक्टर 19 में प्रेस की दुकान चलाने वाले एक शख्स की झुग्गी जलकर खाक हो गई।