हरियाणा विधानसभा में पेश कैग की रिपोर्ट में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के लैंड डील मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में किसानों की जमीन कौड़ियों के मोल खरीदकर जानी-मानी कंपनियों ने कई गुना ज्यादा दाम पर रियल इस्टेट कंपनियों के हवाले कर दी। इस तरह कंपनियों ने जमकर मुनाफा कमाया। इस तरह प्रदेश सरकार को राजस्व का खूब चूना लगा। नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) की वित्तीय वर्ष 2013-14 की रिपोर्ट के इस खुलासे के बाद एक बार फिर वाड्रा मुद्दा गर्मा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डरों को जमीन बेचने वाली कंपनियों ने नियमानुसार लाभ की राशि का हिस्सा सरकार के पास जमा भी नहीं कराया। बुधवार को हरियाणा विधानसभा में पेश की गई कैग की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हास्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड के प्रति प्रदेश की पूर्व कांग्रेस सरकार ने खूब दरियादिली दिखाई।
इसके तहत सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। वाड्रा की कंपनी ने गुड़गांव के शिकोहपुर गांव की भूमि मात्र 15 करोड़ में खरीदने के बाद उसका चेंज आफ लैंडयूज (सीएलयू) कराया और फिर उसे डीएलएफ यूनिवर्सल को 7.73 गुना अधिक दाम पर 58 करोड़ रुपये में बेच दिया। कैग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने 15 प्रतिशत से अधिक लाभ वाली राशि भी सरकारी कोष में जमा नहीं कराई।