आरोप, अहंकारी और गैर पेशेवर हैं एसीबी के अधिकारी, ली जाए परीक्षा
एसीबी ने आईएएस के खिलाफ सरकार से मांग रखी है 17 ए के तहत अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी सुरेश ने एंटी कप्शन ब्यूरो (एसीबी) के खिलाफ प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखा है। डी सुरेश ने पत्र में एसीबी के अधिकारियों को अहंकारी और गैर पेशेवर करार दिया है। साथ ही सीएम से मांग की है कि इन अधिकारियों की सरकारी विभागों के संचालन से संबंधित परीक्षा जाए और तब तक इनको एसीबी से मुक्त किया जाए। आईएएस अधिकारी ने यह पत्र मुख्यमंत्री के साथ साथ प्रदेश के मुख्य सचिव, एसीएस गृह विभाग, एडीजीपी एसीबी, राज्यपाल के सचिव को भी भेजी है।
एसीबी ने हाल ही में डी सुरेश के खिलाफ प्रस्ताव तैयार करके सरकार को भेजा है और इस मामले में 17-ए के तहत जांच की अनुमति मांगी है, ताकि एफआईआर दर्ज की जाए। इसी के विरोध में आईएएस ने सीएम से एसीबी की ओर से बिना अनुमति के की गई तीनों अवैध जांचों को फाइल करने की मांग की है। उनका आरोप है कि एसीबी ने उनके व उनके सहयोगियों के खिलाफ क्वैशी ज्यूडिशियल (अर्ध न्यायिक आदेश) में पारित आदेशों को आधार बनाकर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। इसी को आधार बनाते हुए आईएएस ने एसीबी के अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। डी सुरेश ने पत्र में खुद को पाक साफ बताते हुए सीएम से मांग की है कि उनके खिलाफ की गई 12, 13 औ 14 जांचों को फाइल किया जाए, क्योंकि इसमें तुच्छ और आधारहीन प्रस्ताव हैं। इसलिए एसीबी अधिकारियों, शिकायतकर्ताओं, संदिग्ध साक्ष्य, जालसाजी, जबरन वसूली व भ्रष्टाचार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
आईपीएस कपूर के खिलाफ भी कर चुके शिकायत
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी सुरेश इससे पहले जुलाई 2023 में तत्कालीन एसीबी प्रमुख और मौजूदा डीजीपी शत्रुजीत कपूर के खिलाफ भी मुख्य सचिव को शिकायत कर चुके हैं। उस समय डी सुरेश ने कपूर के खिलाफ व्यक्तिगत भी आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की भी मांग की थी। उनका आरोप था कि आईपीएस अधिकारी खुद कथित अनियमितताओं के एक मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17 ए के तहत सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, ताकि खुद को संभावित सीबीआई और सीवीसी जांच से बचाया जा सके। पत्र में आईएएस ने एसीबी प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं, साथ ही जांच में दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप हैं। डी. सुरेश ने मुख्य सचिव को आईएएस एसोसिएशन का अध्यक्ष होने के नाते एसोसिएशन की बैठक बुलाने की अपील की थी।
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प्लाट आवंटन से जुड़ा है मामला
डी सुरेश के खिलाफ शुरू की गई तीन जांचों में से एक में, एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत उसके खिलाफ जांच शुरू करने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है। इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर 55-56 में स्प्रिंगडेल्स स्कूल सोसाइटी को एक प्राथमिक स्कूल के लिए 1.5 एकड़ जमीन के आवंटन से संबंधित है। आरोप है कि स्कूल की साइट को 1993 में प्रचलित दरों पर 2019 में एक सोसायटी को फिर से आवंटित किया गया था, जिससे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को वित्तीय नुकसान हुआ। 2019 में डी सुरेश हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक थे।