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Chandigarh News: प्रदेश के सभी स्कूली वाहनों की होगी फिटनेस जांच

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लापरवाही : हादसे के बाद टूटी नींद, शिक्षा विभाग ने स्कूली वाहन सुरक्षा नीति को लेकर बुलाई राज्यस्तरीय बैठक
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नया सत्र शुरू होने से पहले होनी थी वाहनों की जांच, अब होगा रणनीति पर मंथन
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बुलाई आपात बैठक, सभी डीईओ और डीईईओ रहेंगे मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
चंडीगढ़/महेंद्रगढ़/अंबाला।
कनीना में हुए दर्दनाक और भयंकर हादसे में छह मासूमों के मौत की नींद सोने के बाद परिवहन और शिक्षा विभाग की नींद टूटी है। परिवहन मंत्री असीम गोयल ने प्रदेश में सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के भी निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर उनके वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जाए। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने स्कूलों में वाहन नीति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को राज्यस्तरीय बैठक बुलाई गई है।
स्कूली वाहनों की जांच को लेकर जो कार्य नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले होना चाहिए था, वो अब हादसे के बाद होगा। परिवहन मंत्री असीम गोयल ने हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसकी अध्यक्षता प्रदेश के अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) करेंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. जी अनुुपमा ने स्कूलों में वाहन नीति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को राज्यस्तरीय बैठक बुलाई है। विभाग की ओर से जारी पत्र से साफ है कि इससे पहले विभाग की स्कूलों के वाहनों को लेकर कोई रणनीति नहीं थी। न ही मुख्यालय ने फील्ड के अधिकारियों को इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश दिए और न बैठक करके इनकी जांच को लेकर हिदायत दी गई। मुख्यालय के अधिकारियों की लापरवाही और ढुलमुल रवैये के चलते फील्ड में तैनात जिला शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। नतीजा पूरे प्रदेश और देश के सामने है। विभाग की लापरवाही के चलते मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी और कई चोटिल भी हो गए। अब बच्चों की मौत के बाद विभाग की लापरवाही को लेकर उठे सवालों के चलते आनन फानन में बड़े स्तर पर बैठक बुलाई गई है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे होने वाली बैठक में डीईओ, डीईईओ व बीईओ वीसी के माध्यम से मौजूद रहेंगे। मुख्यालय स्तर के अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे।
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जांच के नाम पर होती है खानापूर्ति
निजी स्कूलों में वाहनों की जांच के नाम पर जिला शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और आरटीए विभाग की ओर से खानापूर्ति की जाती है। बिना चेकिंग के दौड़ रहे ये वाहन बच्चों के लिए जानलेना साबित हो रहे हैं। पुराने वाहनों पर नया पेंट करके वाहनों को नया रूप दिया जाता है और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ही ये पुराने वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं।
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सभी स्कूलों में जांच के दिए आदेश
झाड़ली गांव में श्मशान घाट पहुंचीं शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर किसी स्कूल में कोई नशा करते मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जितने भी स्कूल हैं, चाहे उन्होंने कॉन्ट्रेक्ट पर गाड़ियां लगा रखी हों या खुद की हों, सभी के दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
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