चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस के एक सीनियर कांस्टेबल की ओर से कैदियों को नशा पहुंचाने का मामला सामने आया है। आरोप के मुताबिक कांस्टेबल परवेश ने बुड़ैल जेल से जिला अदालत में पेशी पर लाए गए एक कैदी को 14 ग्राम चरस मुहैया करवाई थी। कैदी को 26 सितंबर को कांस्टेबल परवेश की कस्टडी में अदालत में पेश किया गया था। यह भी आरोप है कि अदालत में सुनवाई के बाद कांस्टेबल ने कैदी की जम्मू में रह रही पत्नी से मोबाइल पर बात भी की। इसके बाद कैदी को 14 ग्राम चरस उपलब्ध करवाई। कैदी की पत्नी ने अपनी एक महिला मित्र से यूपीआई के जरिए कांस्टेबल के खाते में एक हजार रुपये ट्रांसफर करवाए थे। पुलिस ने कांस्टेबल के बैंक खाते को भी खंगाला। इसमें पता चला कि 26 सितंबर को यह ट्रांजेक्शन हो रखी थी। कांस्टेबल पर आरोप सही मिलने के बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29बी के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।इस तरह हुआ खुलासा
पुलिस विभाग को बीते 26 सितंबर को बुड़ैल जेल से एक सूचना मिली थी कि एक विचाराधीन कैदी से नशा मिला है। इसके बाद जेल के अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट अमनदीप सिंह को एक लिखित शिकायत दी गई। इसमें बताया गया कि अजीत सिंह नामक कैदी को बीते 26 सितंबर को जिला अदालत में पेशी पर लाया गया था। उसके खिलाफ नवंबर 2011 में चोरी, जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं में सेक्टर-39 थाने में मामला दर्ज हुआ था। घटना वाले दिन 26 सितंबर को पेशी के बाद दोपहर 3.32 बजे कैदी को बुड़ैल जेल वापस लाया गया था। गेट पर जांच के दौरान पगड़ी में 14 ग्राम चरस बरामद हुई थी। उसके बाद सेक्टर-49 थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ में कैदी ने बताया था कि उसे सीनियर कांस्टेबल परवेश ने यह चरस मुहैया करवाई थी। पुलिस ने कैदी का प्रोडक्शन वारंट हासिल किया और विकासपुरी, दिल्ली के रहने वाले 31 साल के इस कैदी को गिरफ्तार किया गया। उसका दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया था।