चंडीगढ़। ट्राइसिटी में साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ते जा रहे हैं। साइबर फ्रॉड खासकर वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। इन लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए सेक्टर-36 एमसीएम डीएवी कॉलेज के एनएसएस विंग कई छात्राओं ने अभियान चलाया हुआ है। इसका नाम सक्षम प्रोजेक्ट है। इसके तहत छात्राएं घर-घर जाकर लोगों खासकर वरिष्ठ नागरिकों को साइबर फ्रॉड से होने वाले नुकसान और इससे बचने के लिए उपाय बताती हैं। यह छात्राएं इस कार्य को चंडीगढ़ पुलिस की सहायता से करती है। लोगों को अवेयर करती है कि वह इंटरनेट के माध्यम से होने ठगी से बचाया जा सके।
साइबर स्वच्छता मिशन से हुई थी शुरुआत
एमसीएम डीएवी कॉलेज की एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. मीनाक्षी राणा ने बताया कि वर्ष 2021 में साइबर स्वच्छता मिशन-2021 नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट को चंडीगढ़ पुलिस से लिया था। इसके तहत ट्राइसिटी में उन महिलाओं के साथ बातचीत कि जो इंटरनेट यूजर्स थीं। उन्हें 2000 के करीब ऐसे लोग मिले जिनके साथ किसी न किसी तरह के फ्रॉड हुए थे। उनके बारे में पूरी डिटेल ली और एक वर्ष तक इस पर काम किया और एक बुक तैयार की। इसे वर्ष 2022 में चंडीगढ़ दौरे पर एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे अमित शाह ने रिलीज किया और इसकी सराहना की।
एनएसएस यूनिट की नाव्या और भाव्या को पूर्व डीजीपी कर चुके हैं सम्मानित
इसके बाद कॉलेज की एनएसएस यूनिट ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ हो रहे फ्रॉड को देखते हुए प्रोजेक्ट सक्षम बनाया। इसके तहत यूनिट के वॉलंटियर्स मौजूदा समय में अभी तक काफी संख्या में लोगों को इंटरनेट के माध्यम से होने वाले फ्रॉड के बारे में जानकारी दे चुके हैं। इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के 900 के करीब वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट का बेहतर रिस्पांस भी मिल रहा है। अब इन लोगों को साइबर हेल्पलाइन नंबर भी दिया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में चंडीगढ़ साइबर सेल काफी मदद भी कर रहा है। लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व डीजीपी सुरेंद्र यादव कॉलेज की एनएसएस यूनिट की नाव्या और भाव्या को सम्मानित भी कर चुके हैं। वहीं एमसीएम डीएवी कॉलेज प्रिंसिपल नीना शर्मा भी इस प्रोजेक्ट में छात्राओं को आने के लिए वाहन के साथ हर प्रकार की संभव सहायता भी कर रही हैं।