चंडीगढ़। 20 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में हाउसिंग बोर्ड के सीनियर असिस्टेंट जगदीश राज मनचंदा को कोर्ट ने चार साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मनचंदा को मार्च 2020 में एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार किया था।
विजिलेंस को दी शिकायत में इफ्तेखार ने बताया था कि वह धनास के ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में रहता है। उनके फ्लैट का अलॉटमेंट व पजेशन लेटर गुम हो गया था। वह सेक्टर-9 के चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात के बारे में पता करने गए थे। इस दौरान जगदीश राज मनचंदा से हुई। मनचंदा ने बताया कि वह हाउसिंग बोर्ड में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। शिकायतकर्ता इफ्तेखार ने जब फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात की बात कही तो मनचंदा ने कहा कि कागजात मिल जाएंगे, लेकिन इसके एवज में 50 हजार रुपये देने होंगे। इसके बाद 40 हजार रुपयों में सौदा तय हुआ। मनचंदा ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये एडवांस के तौर पर देने को कहा। शिकायतकर्ता इफ्तेखार ने सेक्टर-22 में रुपये के लिए बुलाया गया लेकिन उसने इसकी शिकायत विजिलेंस में कर दी। 12 मार्च 2020 को विजिलेंस डीएसपी दीपक यादव की अगुवाई में गठित टीम ने मनचंदा को 20 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोच लिया।